Ghansyam Sharma / Fri, Jun 13, 2025 / Post views : 166
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई जब बुधवार को एक बीमार गाय के पेट से करीब 80 किलोग्राम पॉलीथीन सफलतापूर्वक निकाली गई। यह सर्जरी पॉलीथीन इम्पैक्शन के चलते की गई, जो यदि समय पर उपचार न मिले तो जानवरों की जान भी ले सकती है।
जटिल सर्जरी, सफल प्रयास
यह सर्जिकल प्रक्रिया उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एम.बी. सिंह के निर्देशन में डॉ. ढालेश्वरी और डॉ. दीपिका सिदार द्वारा पूरी की गई। इस ऑपरेशन में डॉ. अश्विन नेताम एवं खेमराज साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल, गाय को विशेष देखरेख में रखा गया है और उसके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
क्यों होता है पॉलीथीन इम्पैक्शन?
डॉ. ढालेश्वरी ने जानकारी दी कि यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब गायें गलती से कूड़े के ढेर से पॉलीथीन या प्लास्टिक निगल लेती हैं। यह पदार्थ रूमेन (गाय के पेट का हिस्सा) में जमा हो जाता है, जिससे गाय की पाचन क्रिया बाधित होती है। इसके कारण भूख न लगना, पेट फूलना, जुगाली बंद होना और कब्ज जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।
इलाज और रोकथाम
इलाज के तौर पर रूमेनोटोमी सर्जरी कर पॉलीथीन निकाली जाती है, और उसके बाद विटामिन, फ्लूइड एवं पाचन उत्तेजक दवाएं दी जाती हैं। रोकथाम के लिए जरूरी है कि पशुपालक अपने जानवरों को खुले कचरे से दूर रखें और प्लास्टिक कचरे का उचित निपटान करें।
जनता से अपील
पशुपालन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पॉलीथीन का उपयोग न करें, कूड़ा खुले में न फेंकें और अपने मवेशियों को सड़क या कूड़े के ढेर में चारा न खाने दें। यह न सिर्फ जानवरों की बल्कि पूरे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
सोत्र prokgn
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