Ghansyam Sharma / Thu, Sep 8, 2022 / Post views : 132
कोंडागांव। पत्रिका लुक
अवैध कटाई रोकने का वन विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है, लेकिन अवैध कटाई रुकने का नाम नहीं ले रही।जो विभागीय अमले की सहभागिता के बिना नामुमकिन है अवैध अतिक्रमण पर रोक नहीं लगने का एक कारण वन अधिकार पत्र का लालच सहित वन कर्मचारियों का नियत मुख्यालयों से नदारद रहना भी है।
दक्षिण वन मंडल कोंडागांव अंतर्गत मुलमुला वन परिसर में अवैध अतिक्रमण का मामला थमा नहीं की चिपावंड वन परिसर में वनों के अंदर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है।चिपावंड परिसर के अंदर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है। और अतिक्रमण बदस्तूर जारी है ,जिसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी है, वहीं स्थानीय ग्रामीण अतिक्रमण रोकने गांव में बैठक आयोजित कर वन विभाग सहित कलेक्टर से शिकायत करने की बात कह रहे।
दरअसल वनों में अवैध अतिक्रमण को जानते हुए भी वन कर्मी जानबूझकर अनभिज्ञ बने हैं ,और अतिक्रमणकारियों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दे रहे हैं। मैदानी वन अमले से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक इस विषय में सुध लेने वाला कोई नहीं है ,और हरा-भरा साल का जंगल धीरे-धीरे कटे ठूंठ के बियाबान में बदलता जा रहा है।फिलहाल चिपावंड परिसर में अतिक्रमणकारी (मरहान) खेत बनाने के लिए वनों की कटाई कर रहे, पहले दौर में छोटे पौधों को काटकर सफाई कर फसल लगाने तैयार कर रहे हैं। वहीं वनरक्षक ईश्वर कश्यप ने अतिक्रमण होने की बात स्वीकारते कटे लकडियों का चट्टा बनाने की बात कह रहे।
राजेंद्र देवांगन ,सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हड़ताल अवधि में वनो में अतिक्रमण होना कह रहे ।
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