Ghansyam Sharma / Tue, Jul 13, 2021 / Post views : 153
रायपुर । कोरोना संक्रमण के बाद प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। राजधानी में कोरोना की दहशत में भी प्रापर्टी खरीदी-बिक्री में पिछले साल अप्रैल, मई और जून की तुलना में इस साल 70 प्रतिशत अधिक रजिस्ट्री हुई है। पिछले साल इन तीन महीनों में 55 करोड़ 11 लाख 71 हजार 780 रुपये की तो इस वर्ष इन्हीं तीन महीनों में एक अरब 49 करोड़ 50 लाख 89 हजार 680 रुपये की रजिस्ट्री हुई है। इसमें सबसे ज्यादा तेलीबांधा, मठपुरैना, शंकर नगर आदि जगहों की रजिस्ट्री अधिक हुई है। पंजीयक अधिकारी का कहना है कि शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य के मुताबिक तीन माह में 21.92 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।
ज्ञात हो कि वित्तीय वर्ष में दो बार कोरोना की लहरें तथा करीब साढ़े चार महीने के कुल लाकडाउन के बावजूद पंजीयन कार्यालय को इस साल छह अरब 82 करोड़ लाख रुपये का टागरेट शासन से मिला है, जिसमें एक अरब 49 करोड़ 50 लाख 89 हजार 680 रुपये का टारगेट पूरा किया, बल्कि पिछले साल की तुलना में इन तीन महीनों में 94 करोड़ 39 लाख हजार 900 रुपये से ऊपर की और रजिस्ट्री हो गईं।
खास बात यह है कि पिछले साल अप्रैल-जून में जब कोरोना की दहशत न के बराबर थी। तब जितनी रजिस्ट्री हुई, इस साल अप्रैल-जून में जबर्दस्त दहशत के बावजूद उससे दोगुनी रजिस्ट्री हो गई। जिला पंजीयन दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार 2020-21 में रजिस्ट्री का टारगेट 541 करोड़ था। इस साल अप्रैल माह में राजधानी लाकडाउन लगाया गया। उस समय रजिस्ट्री दफ्तर भी बंद कर दिया गया था, लेकिन बाद में आनलाइन रजिस्ट्री कराने की छूट दे दी गई थी।
पिछले लाकडाउन को पछाड़ा
पिछले साल मार्च 2020 में लाकडाउन के दौरान अप्रैल, मई और जून में कुल 5,853 दस्तावेज जमा हुए थे, लेकिन इस साल अप्रैल-मई जून में आंशिक कोरोना बंदी के बावजूद 6,647 लोगों ने दस्तावेज पंजीकृत करवाए यानी पिछले साल की तुलना में 963 रजिस्ट्री ज्यादा हुई। इस साल केवल शहरी इलाके में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा रजिस्ट्री हुई। राज्य सरकार की ओर से लगातार दूसरा साल था जब रजिस्ट्री की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। इतना ही नहीं, जमीन की सरकारी कीमतों में 30 फीसदी की कमी इस साल भी जारी रखी गई। इस वजह से लोगों ने जमीन-मकान की खरीदी-बिक्री में जमकर दिलचस्पी दिखाई।
इन इलाकों में ज्यादा हुई रजिस्ट्री
पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल कचना, शंकर नगर, तेलीबांधा, मठपुरैना, अमलीडीह, धरमपुरा, माना एवं आउटर के क्षेत्र में अधिक रजिस्ट्री हुई है, क्योंकि इन इलाकों में ही नई-नई कालोनियां बस रही हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर के जय स्तंभ चौक के आसपास पिछले कई महीनों से एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है।
रायपुर के मुख्य रजिस्ट्रार बीएस नायक ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद भी पिछले साल अप्रैल- जून तक की तुलना में इस साल रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। कार्यालय में कोरोना की गाइड लाइन भी पालन किया जा रहा है।
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