Ghansyam Sharma / Fri, Jun 16, 2023 / Post views : 157
ठेकेदार व विभाग की मिलीभगत नियमों को ताक में रखर कर रहे स्तरहीन निर्माण
49.39 लाख में किया जा रहा 6 उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण
कोण्डागांव। पत्रिका की दुनिया
जिले में इन दिनों लगातर स्तरहीन निर्माण की शिकायत लगातार सामने आ रही है पर इस ओर धन्य देने वाला कोई नहीं? आखिर क्यों नहीं हो रहे ऐसे स्तरहीन निर्माण कार्य कर कार्रवाही, कहि कमीशन का खेल तो नहीं?
आपको बतादें की कोण्डागांव जिले में 6 उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए राज्य शासन ने स्वीकृति देते चरकई ,बेड़ागांव, चिमड़ी करारमेटा, बंजोड़ा व सोनाबल के लिए 49 लाख 39 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति देतव हुए सीजीएमएससी को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। उक्त भवनों को जून 2023 तक पूर्ण करना था,जिससे इन उप स्वास्थ्य केंद्र भवनो के बन जाने से अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं खासकर प्रसव सेवा गांव में ही सुलभ हो सकेगा। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते निर्माण किये जा रहे भवनों में न तो निर्माणाधीन दीवारों की क्युरिंग की जा रही है और ना हीं सही स्टीमेन्ट अनुसार गिट्टी, सीमेंट और सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। जिसके चलते अभी से ही भवन का प्लास्टर और ईंट की जोड़ाई झरने लगी है। बड़ी बात यह है कि 9 लाख से अधिक के निर्माण में केवल एक कमरे का ही कमरा बना कर टीन सेड डलवा भवन निर्माण की खाना पूर्ति की जा रही है। आपको बतादें की सीमेंट रेत से जुड़ी दीवार पर हाथों की उंगलियों से खुर्दने से दीवार में लगी सीमेंट निकल रही हैं ऐसे में उस भवन का गुणवत्ता क्या होगी आप समझ सकते हैं।
राजमिस्त्री ने बताया
सोनाबल ग्राम में बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र भवन में कार्य कर रहे राजमिस्त्री ने बताया कि चौखट लेबल के बाद से हम लोग कार्य कर रहे हैं इझसे पहले किसी ओर राजमिस्त्री ने कार्य किया था । पूर्व में हुए कार्य बहुत ही स्तरहीन निर्माण कार्य किया गया हैं। ऐसे में हम राजमिस्त्री बदनाम होते हैं । यह भवन एक से दो वर्ष तक ही चलेगा इर फिर से रिपेरिग की जरूरत पड़ेगी।
ठेकेदार ने बताया
मामले पर सोनाबाल के उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण कार्य के ठेकेदार गौतम से पूछने पर उसने कहा कि निर्माण स्थल में पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते क्युरिंग नही हो पा रहा है वही उसने कहा कि जोनल में काम लेने के चलते उसे जबरदस्ती यह बिल्डिंग का काम भी दे दिया गया है। ठेकेदार गौतम के अनुसार उन्हें यह निर्माण कार्य जबर्दस्ती थोपा गया है इस लिए शायद वे स्तरहीन निर्माण को अंजाम दे रहे हैं।
भवन निर्माण के जानकारों ने बताया
वहीं भवन निर्माण के जानकारों का कहना है कि इतने ही आवंटन में अन्य शासकीय एजेंसियां इससे बड़ा व बेहतर भवन का निर्माण करती है, वही सीजीएमएससी की भवनों में अक्सर मॉनिटरिंग की कमी भी देखने को मिलती है जिससे निर्माण कार्य स्तरहीन होता है। जिले में बने सीजीएमएससी के बिल्डिंगों का मुआयना किया जा सकता है कि उनके निर्माण किस स्तर का हुआ है पर विभाग को इस ओर देखने की फुर्सत नहीं है।
जवाबदेह पर हो कार्रवाही
स्तरहीन निर्माण कार्य बिना विभाग व ठेकेदार के मिलीभगत से संभव नहीं। ऐसे स्तरहीन निर्माण कार्यो को अंजाम देने वाले ठेकेदार व विभाग के जवाबदेह अधिकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही करते हुए उक्त भवन को ध्वस्त करते हुए राशि की भरपाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में स्तरहीन निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके।
सुनील सिंह अधीक्षण अभियंता
उक्त पूरे मामले।को लेकर जब मीडिया ने सुनील सिंह अधीक्षण अभियंता सीजीएमएससी रायपुर से मोबाइल से चर्चा करने पे बताया कि एग्जिट डाटा नहीं बता पाऊंगा कितने की स्वीकृती है निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग दिखवाता हूँ फिलहाल ओर कुछ भी नहीं बता पाऊंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन