Ghansyam Sharma / Thu, May 1, 2025 / Post views : 169
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
ग्राम पंचायत पलना के किसानों ने अपनी उपजाऊ कृषि भूमि पर प्रस्तावित सड़क निर्माण का विरोध करते हुए सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जमीन पर बिना सहमति के जबरन सड़क बनाई जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। करीब 13 प्रभावित किसानों ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में बताया कि वे पहले ही एस.डी.एम. कार्यालय, केशकाल में आवेदन देकर स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपनी कृषि भूमि पर सड़क नहीं बनवाना चाहते। इसके बावजूद गांव के कुछ ऐसे व्यक्तियों द्वारा, जिनकी भूमि इस सड़क निर्माण से प्रभावित नहीं हो रही है, झूठे दस्तावेज और पंचनामे तैयार कर प्रशासन को भ्रमित किया गया है। उन लोगों ने दावा किया कि सभी किसान सड़क के पक्ष में हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। किसानों ने आरोप लगाया कि एस.डी.एम. केशकाल ने बिना वास्तविक प्रभावित किसानों की बात सुने ही मामले को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को भेज दिया और सड़क मापदंड तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस निर्णय से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। प्रभावित किसानों का कहना है कि यह निर्णय न केवल अवैधानिक है, बल्कि पूरी तरह अन्यायपूर्ण भी है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी भूमि की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई और उनकी सहमति के बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया, तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।
किसानों की प्रमुख मांगें:- जब तक सभी प्रभावित किसानों की लिखित सहमति नहीं मिलती, तब तक सड़क निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
झूठे दस्तावेज और फर्जी सहमति पत्र तैयार करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
कृषि भूमि की रक्षा को प्राथमिकता पर रखा जाए, ताकि किसान अपनी आजीविका सुरक्षित रख सकें।
ज्ञापन सौंपने वालों में लखनलाल सिंहा, बिहारीलाल साहू, खेदूराम निशाद, शीतलाप्रसाद निशाद, बाबूलाल साहू, रामसुंदर, अजय कुमार, कुंदन साहू, धनेश्वर, भावसिंह व अन्य किसान शामिल थे।
सोत्र-kisano ke bayan anusar
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