Ghansyam Sharma / Fri, Sep 26, 2025 / Post views : 212
विश्रामपुरी। पत्रिका लुक ( नरेंद्र सेठिया)
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय विश्रामपुरी को एक अनूठा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर विश्रामपुरी के किशोर मरकाम ने विद्यालय, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि को सम्मानित करने के लिए विद्यालय परिवार एवं सामाजिक जनों की उपस्थिति में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
किशोर मरकाम ने बॉक्सिंग में अपनी शक्ति और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और विद्यालय परिवार को देते हुए कहा कि शिक्षकों ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया और हमेशा जीत की प्रेरणा दी। इसी तरह मलेंद्र ने भी अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को समर्पित किया।
विद्यालय के प्राचार्य नंद किशोर शोरी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र जीवन संघर्षों से भरा होता है और इन्हीं संघर्षों से सफलता का मार्ग निकलता है। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास करते हैं बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी माध्यम बनते हैं।
इस अवसर पर एस.एम.डी.सी. अध्यक्ष विवेक चंदेकर ने गुरु के मार्गदर्शन की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शिक्षा और खेल दोनों ही जीवन को दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने छात्रों से संघर्ष और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही और कहा कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
प्रतियोगिता में क्रिकेट में चैतन्य सारथी ने भी भाग लिया और आगे खेलों में बेहतर प्रदर्शन की इच्छा जताई। वहीं, कक्षा 8वीं के थानेंद्र प्रताप, योगेश साहू, तन्मय नेताम, चंद्रेश मरकाम और मनोहर नेताम ने शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेकर नया अनुभव प्राप्त किया।
समारोह में उप सरपंच रविंद्र पांडे ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बधाई अर्पित की। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री मंगऊ चक्रधारी, गौरव शार्दूल, किशन पांडे, प्रमिला जैन, पालकगण, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में अमित शर्मा, आयशा फिरदौसी, विनाक्षीं ठाकुर सहित अनेक लोगों की सक्रिय भूमिका रही।
यह आयोजन न केवल विजेता छात्रों के सम्मान का प्रतीक रहा बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा और खेलों के प्रति जागरूकता व उत्साह का संदेश भी प्रसारित किया।
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