Ghansyam Sharma / Tue, Jun 3, 2025 / Post views : 180
रायपुर। पत्रिका लुक
राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा की सराहना की और कहा कि राज्य में हस्तशिल्प के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों की मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी है। सरकार हस्तशिल्पियों को उचित बाजार और उनके हुनर का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने औजार उपकरण योजना के अंतर्गत हस्तशिल्पियों को पाँच-पाँच हजार रुपये की अनुदान राशि भी वितरित की। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए आशा जताई कि उनके नेतृत्व में बोर्ड हस्तशिल्पियों के हित में ठोस कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कोण्डागांव जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें सुशासन तिहार के दौरान कोण्डागांव के शिल्पग्राम जाने का अवसर मिला। वहाँ उन्होंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी अद्भुत कलाकृतियाँ देखीं। कोण्डागांव का डोकरा आर्ट पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है और इसकी विदेशों में भी भारी मांग है। यह पारंपरिक धातु कला पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और यहाँ के शिल्पकार इसमें विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इन शिल्पियों को उचित प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने रायगढ़ के एकताल में धातु शिल्प, बस्तर की काष्ठशिल्प और जशपुर के कोटामपानी की छिंद व कांसे की कलाकृतियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कोने में शिल्पियों का अनोखा हुनर है जिसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की जरूरत है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी राज्य के शिल्पकारों की कला को सराहते हुए कहा कि चाहे वह मिट्टी के खिलौने हों, बेल मेटल, गोदना, टेराकोटा या कसीदाकारी – हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के कलाकार निपुण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डिज़ाइनरों को जोड़कर बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाए और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है शिल्पकारों को प्रशिक्षण, लोन और सब्सिडी देकर सीधे बाजार से जोड़ना, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो और शिल्पकारों को सीधा लाभ मिले। उन्होंने यह भी कहा कि पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी जैसे कलाकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायकगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक जे.पी. मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सोत्र dprcg
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