Ghansyam Sharma / Mon, Apr 18, 2022 / Post views : 156
कोंडागांव पत्रिका लुक।
जिला स्तरीय आयुष्मान भारत हेल्थ मेला का हुआ आयोजन। आयोजन में केन्द्रीय संयुक्त सचिव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक भारत सरकार तथा जिले के प्रभारी विकासशील, कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा सहित अधिकारी कर्मचारी रहे मौजूद। स्वास्थ्य मेला में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने किया स्वास्थ्य मेला का अवलोकन। बड़ी संख्या में गग्रामीणों ने लिया स्वास्थ्य मेला में लाभ।
स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित इस शिविर में कुल 16 स्वास्थ्य स्टाल लगाये गये है। जहां आयुष्मान कार्ड प्रदाय, डिजिटल स्वास्थ्य आईडी निर्माण, दंत चिकित्सा, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन, एनिमिया, हड्डी रोग, जैसी विभिन्न व्याधियों के संबंध में स्वास्थ्य जांच एवं निःशुल्क परामर्श सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार आयुष्मान भारत हेल्थ मेला प्रत्येक विकासखण्ड में लगाये जायेगें।

उक्त मेले में एक अन्य स्टाल पर बस्तर कोल्ड्रिंक के नाम से मशहूर ‘‘मंडिया पेज‘‘ का भी स्टाल लगाया गया था। जहां पहुंच कर संयुक्त सचिव एवं कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने इसका स्वाद चखा। मालुम हो कि सामान्य भाषा में मंडिया को रागी भी कहा जाता है। जिसका उपयोग स्थानीय जन समुदाय में अनाज के रूप में किया जाता है। यह ना केवल स्वादिष्ट बल्कि बहुत पौष्टिक भी होता है। प्रायः ग्रामीण मंडिया को चावल के आटे के साथ पेय पदार्थ के रूप में सेवन करते है। इसके साथ ही गर्मी के दिनों में मंडिया डिहॉईड्रेशन की स्थिति में पानी की कमी को दुर करता है।
इसके पूर्व संयुक्त सचिव ने जिला अस्पताल का भी निरीक्षण करते हुए विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों से चर्चा किया और आवश्यक निर्देश दिये।
‘संवेदना केन्द्र में पहुंचकर मानसिक रोगियों के उपचार के संबंध में दिये निर्देश
इसके अलावा संयुक्त सचिव श्री विकासशील ने सरगीपालपारा में स्थित मानसिक रोगियों के उपचार हेतु स्थापित ‘‘संवेदना‘‘ केन्द्र मानसिक रोगियों के उपचार एवं पुनर्वास के संबंध में विभिन्न निर्देश देते हुए उनकी कॉउन्सिलिंग करने को कहा। ज्ञात हो कि जिला प्रशासन एवं शांति फाउण्डेशन द्वारा संचालित उक्त केन्द्र में मानसिक रोगियों के बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार हेतु संवेदना कार्यक्रम का संचालन जिले में प्रारंभ किया गया है। इसके तहत् मानसिक रोगों से ग्रसित विक्षिप्त, मंद बुद्धि, निराश्रित लोगों का सर्वेक्षण एवं स्क्रीनिंग करके रीहेबिलीटेशन केन्द्र में भेजा जाता है। साथ ही उपचार उपरांत स्वस्थ मरीजों हेतु जीविकोंपार्जन के साधन उपलब्ध कराये जाते है। निरीक्षण के दौरान सचिव को अवगत कराया गया की अब तक पुनर्वास में रहने वालों की संख्या 69, स्वस्थ होकर घर जाने वालों की संख्या 28, सेंदरी मानसिक अस्पताल भेजे गये मरीजों की संख्या इस सत्र् में 27 है। संयुक्त सचिव ने मानसिक रोगियों के उपचार हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किये गये इस पहल को सार्थक बताया।
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