Ghansyam Sharma / Mon, May 23, 2022 / Post views : 168
कोंडागांव पत्रिका लुक।
कहते हैं गुरु और शिष्य में का नाता सबसे श्रेष्ठ होता है और गुरु अपने शिष्य को इस संसार से सर्व श्रेष्ठ मुकाम हासिल कराने के उच्चगुणों की शिक्षा देता है। ओर गुरु बताए रास्ते पर चलकर ऊचाइयों तक पहुंचता है शिष्य। इन्ही के मार्गदर्शन से आज इनके शिखाएं बच्चें जुडो में कोंडागांव सहित अपने गुरु का नाम रौशन किया है। ऐसे ही एक गुरु का स्थांतरण होने पर शिष्य के आँखों आँसू आना स्वभाविक हैं। 
आपको बतादें की आइटीबीपी 41 वी वाहिनी कोंडागांव में पदस्थ हवलदार जयप्रकाश विभागीय उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अपने सहयोगियों के साथ जिले के बालक बालिकाओं को पिछले कई वर्षों से जूडो का निशुल्क प्रशिक्षण देते रहे। हाल में जयप्रकाश का तबादला आइटीबीपी कैंप दिल्ली में होने पर प्रशिक्षणार्थी बालक बालिकाओं व पालको ने मिलकर सोमवार को सत्यम योगा केंद्र में विदाई समारोह आयोजित कर भावभीनी विदाई दी गई।
इस दौरान उपस्थित प्रशिक्षणार्थी बालक बालिकाओं सहित पालकों की आंखें नम हुई। बता दें आइटीबीपी से प्रशिक्षण लेकर जिले के बच्चों ने जूडो में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते बच्चों ने आज तक कुल 172 मेडल अर्जित किए।
देश सेवा के साथ-साथ जिले के अंदरूनी
संवेदनशील क्षेत्र के गरीब बच्चों को जूडो की बारीकियों से अवगत कराकर निरंतर मार्गदर्शन देने लगे, आज आइटीबीपी जवानों द्वारा प्रशिक्षित बच्चे अलग-अलग विद्यालय में प्रशिक्षकों की भूमिका निभा रहे हैं।
अभावग्रस्त बच्चों को जूडो में आगे लाने के लिए समय-समय पर खुद के वेतन की राशि भी खर्च करने से नहीं हिचकते । सोमवार को विदाई समारोह में जूड़ों के बच्चों ,पालको एवं खेलप्रेमीयो ने सम्मिलित होकर साल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर जयप्रकाश को सम्मानित किया ।
इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षक जेपी वर्मा अधिवक्ता लखन पटेल ,शिक्षक शिवचरण साहू ,हर्ष लाहोटी ,बालिका बाल गृह शिक्षिका श्रीमती मणि शर्मा , बसंती पटेल ,मोनिका पटेल आदि उपस्थित रहे।
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