Ghansyam Sharma / Mon, Sep 1, 2025 / Post views : 212
कोण्डागांव। पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया की रिपोर्ट)
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के ग्राम आलोर (झाटीबन) की पहाड़ी गुफा में स्थित प्राचीन लिंगेश्वरी माता मंदिर वर्षभर बंद रहता है और केवल भाद्रपक्ष नवमी के बाद आने वाले प्रथम बुधवार को ही इसके कपाट भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस वर्ष मंदिर के कपाट 3 सितम्बर 2025 को खुलेंगे, जहां हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
मंदिर की विशेषता यह है कि यहां विराजमान शिवलिंग को शिव का स्त्री रूप माना जाता है, जिसे लिंगेश्वरी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से निःसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंदिर खुलने के दिन गुफा के भीतर अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं। रेत पर स्वयं बनते पदचिह्न—जैसे बिल्ली, घोड़ा, हाथी या अन्य आकृतियां—को देखकर पूरे वर्ष की भविष्यवाणी की जाती है। इन्हीं संकेतों से सुख-शांति, अकाल, कलह या युद्ध जैसी संभावनाओं का अनुमान लगाया जाता है।
इस दिन गुफा परिसर में मेले जैसा माहौल रहता है। आसपास के गांवों के साथ-साथ दूरदराज़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने विशेष तैयारियां की हैं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थायी चिकित्सा शिविर और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी।
लिंगेश्वरी माता मंदिर की यह परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी उतनी ही आस्था और विश्वास के साथ निभाई जा रही है।
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