Ghansyam Sharma / Thu, May 22, 2025 / Post views : 194
रायपुर। पत्रिका लुक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य के अम्बिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर और डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों को आधुनिक, स्वच्छ, यात्री सुविधाओं से युक्त और विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया है।
रेलवे का कायाकल्प, क्षेत्रीय विकास को गति
प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के तहत भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना चलाई जा रही है। इनमें से अब तक 103 स्टेशनों का विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। यह योजना न केवल यात्री सुविधाओं के स्तर को बेहतर बनाती है बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती है।
अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन – आधुनिकता और विरासत का संगम
छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन को अब पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से सज्जित कर दिया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के विकास पर 6 करोड़ 29 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं की दृष्टि से कई अहम निर्माण और उन्नयन किए गए हैं:
स्टेशन क्षेत्र के बाहर का रोड चौड़ीकरण,, 3900 वर्ग मीटर की सड़क का निर्माण,, 3677 वर्ग मीटर क्षेत्र में दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा
सुसज्जित प्रवेश द्वार, हाई मास्ट लाइटिंग, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग
यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाएं
अम्बिकापुर स्टेशन को उच्च स्तरीय प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय, वीआईपी कक्ष, आधुनिक टॉयलेट्स, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग सुविधाएं, 6 नए छायादार प्लेटफॉर्म शेड, सीसीटीवी कैमरे, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, रैम्प और टैक्टाइल टाइल्स जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। सूचना के लिए नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया गया है।
स्थानीय संस्कृति का भी हुआ समावेश
स्टेशन परिसर में सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर एक सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर लगाए गए भव्य तिरंगे झंडे, आकर्षक फसाड, प्रतीक्षालयों और टिकट काउंटरों की डिजाइन में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं की झलक स्पष्ट रूप से दिखती है।
वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से इस वर्चुअल उद्घाटन समारोह में सहभागिता की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह विकास कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन की स्थापना के लिए लरंग साय जी के योगदान को याद किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने के प्रयास तेज किए गए हैं ताकि इस दूरस्थ क्षेत्र के नागरिकों को भी यातायात और व्यवसाय की सुविधाएं मिल सकें।
अन्य प्रमुख उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायकगण राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, राम कुमार टोप्पो, प्रबोध मिंज, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।
रेलवे के विकास से जुड़े व्यापक प्रभाव
इन पांच स्टेशनों के उन्नयन से छत्तीसगढ़ राज्य के यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन अनुभव मिलेगा। इससे न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रेलवे की यह नई कार्यसंस्कृति “विकसित भारत” की झलक दिखाती है, जिसमें स्थानीयता, आधुनिकता और समावेशिता का सुंदर समन्वय है।
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