Ghansyam Sharma / Tue, Feb 13, 2024 / Post views : 182
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
किसानों के उथान के लिए जहां एक ओर केंद्र की मोदी सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना संचालित कर रही है। वही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ किसानों की बजाय अधिकारी इस योजना की राशि से लाल हो रहे हैं। ऐसा इस लिए कहना पड़ रहा है क्योंकि वाटरशेड परियोजना बड़ेराजपुर में यह योजना धरातल में पहचाने से पहले ही दम तोड़ दे रही है। वाटरशेड परियोजना बड़ेराजपुर में गड़बड़ी उस समय सामने आया जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी को अवलोकन के साथ ही हितग्राहियों से चर्चा की।
विभागीय अमलो ने जमकर किया भ्रष्ट्राचार
वाटरशेड परियोजना बड़ेराजपुर द्वारा इस योजना के तहत विभागीय आधिकारियों ने जमकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।
हितग्राही किसानों का कहना हैं कि वाटरशेड परियोजना बड़ेराजपुर क्षेत्र के हितग्राहियों के पास तालाब आधा अधूरा खोदकर विभागीय अमले ने पूरी राशि निकाल ली गई है। किसानों का यह भी कहना है कि अगर तालाब सही तरीके से खोद दिया जाता तो आज पानी की समस्या नहीं होती। अब तो तालाब भी अधूरा पड़ा है खेती भी उस स्थान पर नहीं कर सकते।
मशीन से खोदे जा रहे तालाब
हितग्राही मोहन,सिलो बाई व अन्य ने दावा किया वाटरशेड योजना के तहत उसके नाम से तालाब स्वीकृत हुआ था,विभाग के लोग जेसीबी से पिछले साल खेत में आधा अधूरा तालाब खोद कर चले गए और विभाग के लोगों ने आने वाले वर्ष में मरम्मत कर देने की बात कही है, लेकिन अभी तक आकर तालाब को मरम्मत नहीं किए है, तालाब खोदने के लिए कितनी राशि आई थी हमको नहीं बताए।
जिले के वाटरशेड परियोजना बड़ेराजपुर के तहत चयनित हितग्राही के खेत में तालाब उत्खनन और नाला पर चेक डैम का कार्य होना था,तालाब का 2.99 लाख की लागत से उत्खनन करना था, तालाब व चेक डैम कार्य के लिए बड़े राजपुर परियोजना में लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत हुई थी,लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कुछ हितग्राहियों के पास आधा अधूरा तालाब खोदकर पूरी राशि निकलने का आरोप लग रहा और जिन हितग्राहियों के पास अधूरा तालाब खोदा गया उनको आने वाले वर्ष में मरम्मत करने का आश्वासन भी दे दिया वहीं इस पूरे मामले पर वाटर सेड परियोजना अधिकारी बडेराजपुर आर एल अंबादे ने
फोन पर सुधार कराने की बात कही। पूरा मामला सामने आने के बाद जागा विभाग, सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज से सामने आने व मामला उजागर होने के डर से विभागीय अधिकारी अब हितग्राहियों को तालाब मरम्मत कराने का आश्वासन देकर अनियमितता को दबाने में लगे हुए हैं। डी पी टांडे ,उपसंचालक कृषि कोण्डागांव -- वाटर सेड की राशि को हम सीधे भूमि संरक्षण विभाग को कार्य कराने देते है। आपने संज्ञान में लाया है, विधिवत कार्यवाही की जाएगी। बरहाल देखना होगा कि इस पूरे मामले में क्या कार्यवाही होती है या फिर पूर्व के भाती चढ़ाव देकर मामले को रफा दफा कर दिया जाएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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