Thu, 22 Oct 2026
Breaking News
केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत | रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत | रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत | रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ |

: अमरावती वन परिक्षेत्र में रेंजर नहीं कर रहा मजदूरी भुगतान, मजदूर पहुंचे कलेक्टर जनदर्शन में

Ghansyam Sharma / Tue, Jul 5, 2022 / Post views : 163

Share:

कोंडागांव पत्रिका लुक।

कहते हैं मजदूरों का पसीना सूखने से पहले मजदूरों के हाथ मे उसकीखून पसीने की कमाई के पैसे का भुगतान हो जाना चाहिए लेकिन 6 मह बीत जाने के बाद भी मजदूरों का भुगतान अब तक नहीं। मामला वन परिक्षेत्र अमरावती का हैं। अमरावती वन परिक्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूर दैनिक समाचार कार्यालय पहुँचर शिकायत की साथ ही कलेक्टर के नाम का आवेदन बनाने की गुजारिश की ।

क्या हैं पूरा मामला

वन परिक्षेत्र अमरावती के रेंजर-डिप्टी रेंजर द्वारा अपने वन परिक्षेत्र में विभिन्न तरह के मजदूरी कार्य करवाने के बाद मजदूरी भुगतान नहीं कर रहे होने के कारण परेषान मजदूरों द्वारा 05 जुलाई 2022 को जन चैपाल में पहुंचकर कलेक्टर कोण्डागांव से शिकायत करके जल्द से जल्द भुगताने कराने की मांग करने का मामला सामने आया है। परेशान मजदूरों ने अपने आवेदन में लेख किया है कि वे सभी जिला व तहसील कोण्डागांव के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्रामों कावरा, खूटबेड़ा, बवई, अमरावती, घोड़सोड़ा, बेलगांव, बीजापुर, बड़ेकनेरा आदि के मूलनिवासी आदिवासी एवं अन्य जाति वर्ग के गरीबजन हैं और खेती बाड़ी के अलावा मजदूरी करके अपना और अपने पर आश्रितों का जीवनयापन करते हैं।

वन परिक्षेत्र अमरावती के वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं अन्य वन कर्मचारियों के द्वारा लगभग 6 माह पूर्व से उन सभी मजदूरों से अपने वन परिक्षेत्र में विभिन्न कार्यों में मजदूरी का कार्य का कराया जा रहा था। मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने से वर्तमान में उन्होंने मजदूरी का काम करना बंद कर दिया है। अब वन परिक्षेत्र प्रभारी रेंजर एवं डिप्टी रेंजर से मजदूरी का भुगतान करने को कहने पर कहते हैं कि शासन से ही उक्त कार्यों का राशि नहीं आ रहा है, तो हम मजदूरी का भुगतान कहां से करेंगे। जबकि हम मजदूरों में से प्रत्येक मजदूरों की मजदूरी लगभग 15 हजार से लेकर 35 हजार रुपए तक हो रहा है। वर्तमान में खेतीबाड़ी का मौसम है और हम सभी अपने-अपने खेतों में काम कर रहे हैं और हमें खेतीबाड़ी के लिए रकम की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि हमारे द्वारा कई माह से किए जा रहे मजदूरी का भुगतान समय पर हो जाए तो उसका उपयोग हमारे द्वारा खेती बाड़ी में किया जा सकता है। वन परिक्षेत्र अमरावती के वन क्षेत्र में विभिन्न कार्यों में किए गए मजदूरी कार्य का नहीं किए जा रहे मजदूरी का भुगतान जल्द से जल्द करवाने का आग्रह किया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नव नियुक्त कलेक्टर दीपक सोनी उक्त परेशान मजदूरों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर क्या और कब तक कार्यवाही करा पाते हैं ?       वहीं वन परिक्षेत्र अमरावती के वन क्षेत्र में विभिन्न कार्यों में किए गए मजदूरी कार्य का मजदूरी भुगतान नहीं किए जाने का जो मामला सामने आया है, उससे ऐसा प्रतित होता है कि वन प्रषासन में बैठे अधिकारी-कर्मचारी ही आमजनों का आर्थिक षोशण करने पर आमदा हो गए हैं। ऐसा कैसे सम्भव है कि शासन द्वारा कराए गए प्रस्तावित कार्य में लगे मजदूरों को मजदूरी भुगतान हेतु राशि न दी जा रही हो ? यदि ऐसा है तो क्या षासन भी मजदूरों के शोषण के लिए भागीदार है ? जोकि सम्भव नहीं है।

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement