Ghansyam Sharma / Thu, Feb 10, 2022 / Post views : 167
कोंडागांव, पत्रिका लुक।
जनकल्याणकारी योजनाओं में बीआरजीएफ योजना को केंद्र सरकार के द्वारा बंद कर दिया गया हैं और बीआरजीएफ की जामा राशि को व्याज सहित मूल राशि को वापस करने के लिए आदेश जारी किया गया था, पर आदेश को ठेंगा दिखाते हुए बीआरजीएफ की राशि को खर्च कर खाना पूर्ति करने में लगे अधिकारी ऐसा ही एक मामला कोंडागांव जिला में देखने को मिला है क्या है पूरा मामला पढ़े पूरी खबर---
आपको बता दें कि सरकारे क्षेत्रवासियों के विकास व उत्थान के लिए वर्षों से कई योजनाएं संचालित कर रही, पूर्व के वर्षों में संचालित कई योजनाएं बीते कुछ वर्षों के दौरान बंद हो चुकी है। उन्हीं में से एक है बीआरजीएफ योजना। योजना बंद होने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा कलेक्टरों को पत्र जारी कर बंद योजना की राशि ब्याज सहित वापस लौटाने आदेश पत्र जारी किया गया था।
लेकिन वर्ष 2017 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग रायपुर शासन द्वारा जिले के अधिकारियों को आदेश पत्र जारी होने के बाद भी कोंडागांव जिला पंचायत द्वारा बीआरजीएफ योजना की शेष राशि को वापस ना कर उपयोग करने का मामला सूचना का अधिकार के तहत मिली जानकारी से सामने आया।
क्या मिला सूचना के अधिकार में जानकारी
सूचना का अधिकार से मिली जानकारी के मुताबिक तत्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने राज्य शासन द्वारा जारी आदेश को दरकिनार कर बीआरजीएफ की राशि से जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के विकास व उत्थान के नाम पर बंद योजना की राशि से लाखों की खरीदी करने का मामला प्रकाश में आया।जिले के पांचों ब्लॉक के चिन्हित 49 ग्राम पंचायतों के गोठानों में कार्यरत स्व सहायता समूह की महिलाओं हेतु 50 लाख से अधिक राशि से मिनी राइस मिल खरीदी करना दर्शाया गया है।
कार्यालय जिला पंचायत कोंडागांव द्वारा मार्च 2021 को जारी आदेश पत्र के मुताबिक जिले में संचालित गौठानों में कार्य कर रहे महिला स्व सहायता समूह, सहकारी समितियों आदि के आजीविका संवर्धन हेतु जिले के पांचों विकासखंड कोंडागांव, केशकाल, बड़े राजपुर,फरसगांव व माकड़ी के 49 चिन्हित ग्राम पंचायतों के गौठानों में मिनी राइस मिल लगाए जाने के आदेश दिए ।जिसकी कुल लागत ₹5042100/- की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करते हुए 49 ग्राम पंचायतों को मिनी राइस मिल प्रदान की गई।
इस पूरे मामले में क्या कार्यवाही या होगा या खानापूर्ति
आपको बता दें कि बंद बीआरजीएफ योजना से हुए से हुए कार्यो की जांच कब तक होगी या फिर जांच के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति या फिर जिला प्रशासन गम्भीरतापूर्वक लेते हुए जांच उपरांत लिप्त अनियमितता करने वालो पर कानूनी कार्यवाही होंगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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