Ghansyam Sharma / Fri, Sep 5, 2025 / Post views : 176
कोण्डागांव । पत्रिका लुक ( मो. शकील सिद्दीकी)
हज़रत पैग़म्बर की पैदाइश के अवसर पर शुक्रवार को कोंडागांव का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा दिखाई दिया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुन्नी हबी जामा मस्जिद से एक विशाल जुलूस निकाला, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मस्जिद के सामने पहुंचा।
जुलूस में बच्चे-बच्चियां हाथों में झंडे लिए आगे-आगे चल रहे थे। रास्ते भर नात-शरीफ पढ़ी जा रही थी और लोगों को मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम दिया जा रहा था। शहर की गलियां झंडों और सजावट से सजी हुई थीं। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और सामाजिक लोगों ने जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया।
जुलूस के समापन पर देश और दुनिया में सुख-शांति, आपसी भाईचारे और अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
इस अवसर पर मोहम्मद यासीन ने कहा—
जश्ने ईद मिलादुन्नबी हम मुसलमान भाइयों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है, क्योंकि इसी दिन हज़रत पैग़म्बर की पैदाइश हुई थी। हज़रत मोहम्मद पैग़म्बर का संदेश था कि पूरे विश्व में भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम दिया जाए। हम भी भारत सहित पूरे विश्व में भाईचारे और खुशहाली की कामना करते हैं। साथ ही हम सभी को उनके नक्शे-कदम पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
वहीं वरिष्ठ मो.यूसुफ रिजवी ने बताया—
देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हज़रत पैग़म्बर का यह त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उसी कड़ी में कोंडागांव में भी इस त्योहार को शान से मनाते हुए आज जुलूस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में सामाजिक लोग शामिल हुए और हज़रत पैग़म्बर की याद में जुलूस निकालकर शहरवासियों को भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं और सामूहिक दुआओं में सभी ने अमन, चैन और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान असलम मंसूरी शाहिद रिज़वी इसरार गोलू उमर भाई असलम, मो.शकील सिद्दीकी, सहित बड़ी संख्या में समाज के बच्चे, बूढ़े और जवान जुलुस मौजूद रहे ।
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