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: हर घर पहुंचेगा नल से जल: केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दिया 1 हजार 909 करोड़ रुपए का अनुदान

Ghansyam Sharma / Sat, Jun 12, 2021 / Post views : 175

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रायपुर। हर घर में नल से शुद्ध पेय जल पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत 2021-22 के लिए अनुदान की राशि बढ़ाकर 1,908.96 करोड़ रुपए कर दी है. पिछले वर्ष केन्द्रीय अनुदान की यह राशि 445.52 करोड़ रुपए थी. राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 453.71 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी भी कर दी है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्य के आवंटन में चार गुना वृद्धि को मंजूरी प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भरोसा दिया है कि राज्य में प्रत्येक ग्रामीण घर में 2023 तक नल से शुद्ध पेय जल पहुंचाने के लिए उसे हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.

2019 में ‘जल जीवन मिशन’ के शुभारंभ के समय देश में कुल मौजूद 19.20 करोड़ ग्रामीण घरों में से केवल 3.23 करोड़ घरों, यानि मात्र 17% के यहाँ घरेलू नल कनेक्शन था. उसके बाद के 21 महीनों के दौरान कोविड-19 महामारी की विभीषिका और उसके कारण लगे अनेक लॉकडाउन के बावजूद ‘जल जीवन मिशन’ ने पूरी निष्ठा, समर्पण और कार्यकुशलता से काम करते हुए सवा चार करोड़ नए घरों तक नल से शुद्ध जल पहुंचाया है. यानि इन 21 महीनों में 22% प्रगति हासिल की गयी जिसके फलस्वरूप आज देश के ग्रामीण इलाकों के 7.50 करोड़ घरों में (अर्थात 39%) पीने के साफ पानी की सप्लाई नल से होने लग गई है. गोवा, तेलंगाना, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पुदुचेरी ने अपने यहाँ के सभी ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन पहुंचा कर 100% कामयाबी हासिल कर ली है. वे ‘हर घर जल’ प्रदेश बन गए हैं. प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ सिद्धान्त में अंतर्निहित मूल भावना के ही अनुरूप ‘जल जीवन मिशन’ का भी संकल्प है कि ‘कोई भी छूटे ना’ और हर गांव के हर घर में नल से जल उपलब्ध कराया जाए. आज देश के 62 जिलों और 92 हज़ार से ज़्यादा गावों में हर घर में नल से पेय जल मिल रहा है.

छत्तीसगढ़ में 19,684 गावों में रह रहे कुल 45.48 लाख परिवारों में से केवल 5.69 लाख ग्रामीण परिवारों (12.51%) को ही नल से जल की आपूर्ति हो पा रही है. 15 अगस्त 2019 को ‘जल जीवन मिशन’ के शुभारंभ के समय राज्य में 3.19 लाख ग्रामीण घरों (7.03%) में ही नल जल कनेक्शन था. इन 21 महीनों के दौरान भी छत्तीसगढ़ में केवल 2.49 लाख (5.49%) ग्रामीण घरों तक ही नए नल जल कनेक्शन पहुंचाए जा सके, जो धीमी गति के मामले में पूरे देश में दूसरे नंबर पर है. राज्य को ‘हर घर जल’ बनने के लिए अभी शेष 39.78 ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन पहुंचाना बाकी है. छत्तीसगढ़ के 5,530 गावों में नल जल कनेक्शन देने के लिए तो अब तक जल आपूर्ति संबंधी कार्य भी शुरू नहीं हुए हैं. ‘हर घर जल’ बनने के लिए राज्य ने 2021-22 के दौरान 22.14 लाख घरों में नल जल कनेक्शन देने की योजना बनाई है. जबकि 2022-23 में 11.37 लाख घरों को और 2023-24 में शेष बचे 6.29 लाख घरों तक नल कनेक्शन से पीने का पानी पहुंचाया जाएगा.

पिछले वित्त वर्ष के दौरान छत्तीसगढ़ ‘जल जीवन मिशन’ के तहत केवल 1.51 लाख नल जल कनेक्शन ही उपलब्ध करा पाया था. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस सिलसिले में राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र कर छत्तीसगढ़ से आग्रह किया है कि ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन देने के काम में तेज़ी लायी जाए. इस दिशा में हर गाँव में कार्य शुरू कर दिया जाए ताकि राज्य 2023 तक ‘हर घर जल’ बन जाए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से घोषित ‘जल जीवन मिशन’ का लक्ष्य देश के सभी ग्रामीण घरों को 2024 तक नल के जरिये शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराना है.

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