Ghansyam Sharma / Fri, May 21, 2021 / Post views : 150
कोरोना की तीसरी लहर आने की सूरत में बच्चों के अधिक संख्या में प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। चंदूलाल कोविड अस्पताल में 25 बिस्तर का चाइल्ड आइसीयू बनाया जा रहा है।
दुर्ग। कोरोना की तीसरी लहर आने की सूरत में बच्चों के अधिक संख्या में प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। चंदूलाल कोविड अस्पताल में 25 बिस्तर का चाइल्ड आइसीयू बनाया जा रहा है। जिले के निजी अस्पतालों को भी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया गया है।
कोरोना के तीसरी लहर आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता तैयारियां आरंभ कर दी हैं। इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि तीसरी लहर में बधो भी गंभीर संक्रमण का शिकार हों, यदि ऐसा हुआ तो उनके इलाज के लिए पुख्ता व्यवस्था हो, इस पर कार्य आरंभ हो गया है। गुरुवार को एडीएम बीबी पंचभाई ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सरकारी तथा निजी अस्पताल के प्रबंधकों से चर्चा की। बैठक में विशेषज्ञ डाक्टरों ने कहा कि बधाों में इम्यूनिटी अच्छी होती है अतएव इस बात की आशंका कम है कि तीसरी लहर आने पर वे बड़ी संख्या में प्रभावित हों। सहायक कलेक्टर हेमंत नंदनवार ने कहा कि हमें सभी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
आक्सीजन हुड की व्यवस्था रखें
बैठक में सीएमएचओ डा. गंभीर सिंह ठाकुर ने कहा कि बधो भी तीन आयु वर्ग के होंगे। नवजात से लेकर छह वर्ष, छह से 10 और इसके बाद किशोर बधो। छोटे बधाों के लिए आक्सीजन हुड की जरूरत होगी ताकि उन्हें आक्सीजन सपोर्ट देने में किसी तरह की असुविधा न हो। वेंटीलेटर बेड्स को बधाों के मुताबिक एडजस्ट करना होगा। नवजात शिशुओं के लिए एचएफएनसी( हाई फ्लो नैसल कैन्युला) की जरूरत होगी।
हर अस्पताल में चस्पा होगा प्रोटोकाल
बधाों के मेडिसीन प्लान के संबंध में गाइडलाइन हर अस्पताल में चस्पा किए जाने के सुझाव भी दिए गए । वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञों ने बताया कि बधाों के लिए रेमडेसिविर आदि डोज का प्लान और सभी दवाओं की खुराक के प्लान हर अस्पताल में चस्पा होने चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। जितनी ज्यादा संख्या में वेबिनार हों, इसका लाभ उतना ही होगा। मेडिकल आफिसर डा. सुगम सावंत ने बताया कि इसके लिए तैयारियां प्रशासन द्वारा की जा रही है।
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