Ghansyam Sharma / Wed, Feb 23, 2022 / Post views : 155
कोंडागांव, पत्रिका लुक।
कलेक्टर कार्यालय में एक व्यक्ति मुंह मे मास्क लगाए और अपने शर्ट के आगे और पीछे A साइज का पेपर कुछ लिखा हुआ चस्पा कर व कंधे में लम्बी रसी लिए इधर से उधर बड़बड़ाते घूम रहा था। व्यक्ति कह रहा था कि कलेक्टर साहब अब मुझे न्याय नहीं चाहिए मुझे बस फाँसी की अनुमति चाहिए।
कौन है वह व्यक्ति
जिला मुख्यालय में रहने वाला 65 वर्षीय लीलाराम रावलानी जो कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर कलेक्टर जनदर्शन में कलेक्टर से मिलने पहुंचा था । जब 65 वर्षीय लीलाराम रावलानी से मीडिया ने पूछा कि आप किस्से मिलने आए हो तब उस व्यक्ति ने बताया कि में न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है और मुझे न्याय नहीं मिल रहा है। मीडिया ने पूछा क्या मांग हैं? इस पर उस व्यक्ति ने बताया की मेरा खुद की जमीन होने के बाद भी किराए के मकान में रहा रहा हु क्योकि किसी ने धोके से मेरे घर में कब्जा कर लिया है । मीडिया ने पूछा कोई धोके से किसी का वहर कैसे कब्जा कर लेगा जब उस व्यक्ति ने बताया कि मेरी पत्नी शराब की आदि थी और में हमेशा रोजी रोटी के लिए बाजार बाजार जाकर समान बेचता था और इसी बीच एक व्यक्ति ने मेरे पत्नी को नशे की हालत में घर की ब्रिक्रीनामा करा लिया जब कि घर मेरे पत्नी के नाम का नही मेरे नाम का था । इसकी शिकायत वर्ष 2009 से ही लड़ रहा हु पर मुझे न्याय नही मिला। 
ऐसे ही एक ओर मेनरोड में भी एक प्लाट था उस पर भी मेरा कब्जा था पर गरीब व्यक्ति को न्याय कहा मिल पाता हैं उस मेन रोड का प्लाट को भी किसी अन्य व्यक्ति को सरकार के द्वारा पट्टा दे दिया है ये कहा कि न्याय है इस देश में गरीब के लिए अलग न्याय और पैसे वालों के लिए अलग न्याय होता हैं । इस लिए आज तक मैं न्याय के लिए दर-दर भटक- भटक कर थक चुका हूं , अब बस मुझे ना जमीन चाहिए ना कोई न्याय बस मुझे फाँसी की अनुमति दे दे ।
मीडिया ने पूछा कि आपके घर में कौन कौन हैं
उस पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि मेरे परिवार दो बेटी व एक बेटा ओर मेरी बहन हैं जिसका पालन पोषण मैं करता हूं ओर आगे
पीड़ित व्यक्ति ने बताया की मै अपने बेटी व बेटा ओर बहन को यह कहता हूं कि सत्य परेशान होगा पर जीत सत्य की ही होगी पर वर्ष 2009 से अपने परिवार को झूठा आस देता रहुगा ओर अपने परिवार के नजरो में गिरता जा रहा हूं साथ ही मै मानसिक रूप से परेशान हो चुका हूं इस लिए फाँसी की मांग कर रहा हूं। 
मीडियाकर्मी ने पूछा आपने की फाँसी मांग, तो परिवार का क्या होगा
उस व्यक्ति ने बताया कि जब न्याय नहीं मिल रहा है तो मै क्या कर सकता हु। मेरे मरने के बाद मेरे परिवार का जो होना होगा वही होगा या जिला प्रशासन व सरकार शायद देख लेगी या
मेरे मरने के बाद शायद मेरे परिवार वालों को न्याय मिल जाए ।
कितने आवेदन दे चुके हैं आप
उस व्यक्ति ने बताया कि में तो पढा लिखा नहीं हूं, हा में वर्ष 2009 से ही आवेदन देते आ रहा हु। पहले जिला नहीं बना था तहसीलदार/एसडीएम , थाना जगदलपुर, कमिश्नर तक आवेदन देते आ रहा हूं पर न्याय नहीं मिला पर जिला बनने के बाद थोड़ी उमीद जगी की अब कलेक्टर साहब न्याय दिला देंगे पर 7 कलेक्टर बदल गए पर न्याय नही मिला जिससे ऐसा लगता हैं कि कितने भी कलेक्टर आ जाए मुझे न्याय नहीं मिलेगा इस लिए थक हार के यह कदम उठा रहा हु की मुझे न्याय नहीं बस फाँसी की अनुमति देदे।
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