Ghansyam Sharma / Sat, Feb 26, 2022 / Post views : 153
कोंडागांव, पत्रिका लुक।
विद्या मितान अतिथि शिक्षक के बर्खास्ती के आदेश के बाद व्यथित एक शिक्षक ने कहा कि नौकरी गई तो मेरा जीवन गया मैं अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करूँगा ना मेरे पास कोई जमीन है ना घर मैं किराए के मकान में रहता हूं और जैसे तैसे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा हु। मैं सह परिवार के साथ आत्मदाह करने की अनुमति कलेक्टर से मांगूगा। आपको बतादें की नौनिहालों का भविष्य गढ़ने वाले विद्या मितान शिक्षक अपने ही भविष्य को लेकर चिंतित है। जिले में विद्या मितान अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सूची जारी होने के बाद शिक्षकों को अपने भविष्य को लेकर डर सताने लगा।शिक्षकों ने दावा किया जो शिक्षक वर्षों से विद्या मितान के रूप में शिक्षकीय पदों पर कार्यरत रहे उन्हें अपात्र बता अन्य व्यक्तियों की शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की जा रही। बता दें छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोडागांव द्वारा वर्ष 2019 -20 में अतिथि शिक्षकों का विषय वार कुल 250 पदों का विज्ञापन जारी हुआ था , संबंधित भर्ती में अनियमितता के संबंध में जांच प्रतिवेदन अनुसार कार्यरत अतिथि शिक्षकों की भर्ती पर त्रुटि होने के कारण स्थानीय अतिथि शिक्षक 44 पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक 154 कुल 198 अतिथि शिक्षकों को अध्यापन कार्य के पृथक करने का आदेश दिनांक 25 फरवरी 2022 को जारी किया। विद्या मितान अतिथि शिक्षकों का दावा है हम सभी विगत कई वर्षों से जिले के अलग-अलग विद्यालयों में विद्या मितान अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा देते आ रहे थे।लेकिन विभाग द्वारा हाल में जारी नई सूची में हमको अपात्र घोषित किया गया जिसमें अपात्र घोषित करने का कारण आवेदन जमा न करने, बीएड डीएड ना होने आदि का उल्लेख है। कार्यमुक्त आदेश मिलने से हमारे सामने रोजगार की समस्या पैदा हो गयी। एकमात्र शिक्षकीय पेसे के भरोसे अपने परिवार का जीविकोपार्जन चलता था।जिससे व्यथित होकर हम सभी शिक्षक एकत्रित हो आगे की रणनीति तैयार कर रहे । 
विद्या मितान अतिथि शिक्षक साधराम लहरें ने दावा किया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मटवाल में विगत 6 वर्षों से कार्यरत है,जिसे अपात्र घोषित किया गया ,जिसमें कारण आवेदन ना करना बताया गया है, जबकि वर्ष 2016 से विद्या मितान शिक्षक के रूप में कार्य कर रहा हूं, कार्यमुक्त होने का आदेश मिलने से चिंतित है, पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने से हमारे सामने खाने-पीने के लाले पड़ रहे , ना हमारे पास जमीन है ना आजीविका का कोई दूसरा जरिया ,अगर कोई हमारे पेट में लात मारेगा तो कलेक्टर से पूरे परिवार की आत्महत्या करने की अनुमति मांगूंगा ।यदि मेरी अतिथि शिक्षक पद में दोबारा नियुक्त नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट आकर पूरे परिवार सहित आत्महत्या करेंगे ।
यास्मिन सोनी निवासी बड़े राजपुर ब्लॉक का दावा है हमें अचानक व्हाट्सएप में कार्यमुक्त करने का आदेश दिया गया। जिसमें फार्म जमा न करने तो किसी का बी एड डिग्री ना होने का कारण उल्लेख है। जबकि हम पिछले कई वर्षों से शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं
सुरेश कुमार पुनाचा के मुताबिक पिछले 6 वर्षों से विद्या मितान के रूप में कार्य करने के बाद आज अचानक हमें बिना बताए कार्य से बाहर किया गया जबकि हमारे पास डिग्री भी है, कार्य से बाहर करने करने का कारण आवेदन न करना उल्लेखित है, जबकि हम पिछले 6 वर्ष से शिक्षक के रूप में कार्य करते वेतन भी ले रहे हैं।
देखें वीडियो---
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन