Ghansyam Sharma / Sat, Feb 12, 2022 / Post views : 217
आने वाले अंक में पढ़िए बलि का बकरा बनेगा कौन?
कोंडागांव, पत्रिका लुक न्यूज़।
भारत सरकार के द्वारा जारी आदेश के बाद भी जिला पंचायत कोंडागांव के द्वारा बंद BRGF योजना की राशि को मनमाने तरीके से किया जा रहा खर्च।
आपको बता दें कि कोंडागांव जिला पंचायत के द्वारा जिला पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों में से 49 ग्राम पंचायतों में दो किस्तों में बंद पड़ी BRGF योजना से राशि को आबंटन जारी कर दिया गया था , जो एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ है।
क्या है साजिश
BRGF योजना को भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2017 में बंद कर दिया गया था और इस योजना की राशि को ब्याज सहित मूलधन लौटाने को कहा गया था। पर जिला पंचायत कोंडागांव में बैठे अधिकारियों के मन में आया कि इस योजना में लाखों रुपये पड़े हैं और व्याज के भी क्यों न इस बंद बड़े योजना की राशि का उपयोग कर लिया जाए ओर फिर बंद बड़ी BRGF योजना से राशि निकालने का खेल सुरु किया गया। राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्रों में गोठनो का निर्माण किया गया और उन गोठानो में महिला स्व सहायता समूहों को देख रेख के लिए दिया गया ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके। इन्ही स्व सहायता समूहों की महिलाओं ओर गोठान की आड़ में BRGF योजना में पड़े लाखों रुपये का खेल खेला गया।
जिला पंचायत ने क्या बनाई कार्य योजना
आपको बता दे कि जिला पंचायत के द्वारा तत्कालीन जिला पंचायत CEO के द्वारा तत्काल एक कार्य योजना बनाई गई। तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जिले में संचालित गोठान में कार्य कर रहे महिला स्व सहायता समूह ओर सहकारी समितियों आदि जन समूह की गति विधियों से उभरने एवं आजीविका सर्वधन विकास कार्य हेतु गोठानों में मिनी राइस मिल 3 HP हेतु 49 गोठानो में देने दिनांक 25 मार्च 2021 जारी किया गया।
मिनी साइस मिल को किसने खरीदी की
जिला पंचायत कोंडागांव के द्वारा जिले के 49 ग्राम पंचायतों को राशि जारी होने के बाद ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच के द्वारा इस मिनी राइस मिल की खरीदी की गई जिसके लिए सभी 49 ग्राम पंचायतों के द्वारा एक ही फर्म को चुना या हो सकता है की एक ही फर्म को चुनने का ऑडर जिले में बैठे अधिकारियों के द्वारा कहा गया होगा शायद या एक संजोग होगा एक ही सप्लायर से खरीदना , खेर इन बातों से परे एक ओर बात यह भी है कि क्या ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच के द्वारा किसी अन्य सप्लायर से 3 HP का मिनी राइस मिल का भाव नही पूछा या फिर जिले में बैठे अधिकारियों या अन्य लोगों के द्वारा ग्राम पंचायत सरपंच सचिवों को पूछने ही नही दिया गया होगा तभी तो ग्राम पंचायतों ने ऊँचे दाम देकर राइस मिल की खरीदा गया।
3 HP मिनी राइस मिल किस भाव मे ग्राम पंचायतों ने खरीदा
बंद पड़ी BRGF योजना में से आई राशि को ग्राम पंचायतों के द्वारा तत्काल मनीष चंद्राकर एग्रोटेक मेन रोड महासमुंद को दिया गया। इस फर्म मनीष चंद्राकर एग्रोटेक मेन रोड महासमुंद के द्वारा 3 HP मिनी राइस मिल रेट 98000 रुपये सहित GST 5प्रतिशत मिलाकर 1028900 रुपये का बिल ग्राम पंचायतों को दिया गया और ग्राम पंचायतों के द्वारा बिल का पेमेंट भी जारी कर दिया गया।
कहा हुई गड़बड़ी
सूचना का अधिकार निकालने वाले आवेदकों का कहना हैं की भारत सरकार के द्वारा BRGF योजना को बंद कर दिया गया हैं, पर जिला पंचायत कोंडागांव के द्वारा उस बंद योजना की राशि बिना पंचायत संचनालय के आदेश से उपयोग में ले लेना। वही ग्राम पंचायतों के द्वारा मार्केट रेट से भी ऊँचे भाव से 3 HP का मिनी राइस मिल को खरीदना, या फिर जिले में बैठे अधिकारी के कहने पर उक्त मनीष चंद्राकर एग्रोटेक मेन रोड महासमुंद फर्म से लेने को कहा गया होगा? यह सब सोची समझी रणनीति के तहत ही BRGF योजना से लगभग 50 लाख रुपये का खेला हुआ है इसकी जांच होनी चाहिए साथ ही दोषी अधिकारी पर कार्यवाही कि जाए।
किसपे गिरेगी गाज कौन बनेगा बलि का बकरा कौन? आने वाले अंक में पढ़ते रहिए पत्रिका लुक।
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