Ghansyam Sharma / Sat, May 29, 2021 / Post views : 148
कोंडागांव। अतिसंवेदनशील इलाके में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत अंगबाड़ी कार्यकर्ता घर घर पहुंच कर रही बच्चों का वजन। आपको बतादे की मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले में नंगत पिला अभियान के तहत कुपोषित बच्चों को उत्तम आहार एवं सुपोषित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में कोरोना वायरस के प्रभाव के बढ़ने के साथ लाॅकडाउन लगा दिया गया था। जिसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्कूल बंद हो चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की सबसे अधिक चिंता बच्चों को कुपोषण से बचाना रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार बच्चों के लिए रेडी टू ईट भोजन, अण्डा वितरण एवं उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। इस अभियान का प्रभाव जिले के सबसे संवेदनशील एवं पहुंचविहीन ग्राम चिकपाल एवं कड़ेनार में भी दिखाई दे रहे हैं।

कड़ेनार एवं चिकपाल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजबती बघेल लाॅकडाउन के बावजूद लोगों के घरों तक पहुंच कर बच्चों के वजन, लम्बाई एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहीं हैं साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता एवं आयुष विभाग के कर्मचारी प्रकाश बागड़े के साथ मिलकर रजबती बघेल द्वारा ग्राम के लोगों को कोरोना संकट के संबंध में जागरूक करने एवं टीकाकरण करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। रजबती द्वारा प्रतिदिन कड़ेनार के सभी पारों में जाकर बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर बच्चों का सुपोषण स्तर बनाए रखने के संबंध में चर्चा की जाती है। जिसमें उनके द्वारा बच्चों को संतुलित आहार के साथ पौष्टिक भोजन खिलाने के लिए पालकों को प्रेरित करती हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने के बाद से ही शासन के निर्देशानुसार वे बच्चों के सुपोषण के साथ खेल-खेल में पढ़ने को भी प्रेरित करती हैं।
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