Ghansyam Sharma / Sun, Dec 29, 2024 / Post views : 148
पूरे देश ने सुना तीरंदाज रंजू सोरी के नाम पर रंजू सोरी खुद रहा अनजान
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
तीरंदाज रंजू सोरी के नाम का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन बात में किया था, गांव में रहने के कारण यह जानकारी उसे नहीं मिल पाया, मोबाइल लेकर जब घर से बाहर नेटवर्क वाले जगह पर पहुंचा तो कोच ने फोन पर उसको यह जानकारी दी,की प्रधानमंत्री ने मन की बात में उसका जिक्र किया है। प्रधानमंत्री ने रविवार को आयोजित मन की बात में क ग्राम चमई निवासी तीरंदाज रंजू सोरी 19 वर्ष का जिक्र किया। रंजू शोरी अतिसंवेदनशील क्षेत्र के ग्राम चमई निवासी किसान परिवार से है, पांच भाई बहनों में सबसे छोटा है। प्राथमिक शिक्षा गांव के स्कूल में पूरी करने के बाद कक्षा छठवीं की पढ़ाई करने वर्ष 2017 में कोंडागांव पहुंचा। वहां बालक छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने लगा।पढ़ाई के समय से कबड्डी में उसकी रुचि थी, लेकिन बेहतर कोच के अभाव में आगे नहीं खेल सका, उसी दौरान बालक छात्रावास कोंडागांव के मैदान में आईटीबीपी 41 के जवानो को बच्चों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण देते हुए देखता था। तीर धनुष लेकर पहुंचते बच्चो को देख उसके मन में तीरंदाजी को लेकर शौक जगा, और वर्ष 2018 के अंतिम समय में तीरंदाजी ज्वाइन किया, तीरंदाजी के बेहतर प्रशिक्षक मिलने से साल भर के अंदर ही वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश में आयोजित नेशनल स्कूल गेम अंडर 14, सीनियर ओपन नेशनल गेम जमशेदपुर में पार्टिसिपेट किया, छत्तीसगढ़ में आयोजित सब जूनियर स्टेट लेवल गेम्स में उसने गोल्ड मेडल मिला। हाल में आयोजित बस्तर ओलंपिक खेल में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन करने स्थानीय स्तर पर बेहतर मंच मिलने से उत्साह पूर्वक प्रतियोगिता में शामिल हुआ और ओलंपिक में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया।वर्तमान में तीरंदाजी खेल के साथ ही गुंडाधूर महाविद्यालय कोडागांव में बीए प्रथम वर्ष में है।
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