Ghansyam Sharma / Sat, Apr 12, 2025 / Post views : 194
खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण कदम
रायपुर। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज खनिज विकास संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक 11 अप्रेल को मंत्रालय महानदी भवन में हुई। कटघोरा लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज तथा 4 लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश सफल बोलीदाताओं को सौंपे। इस अवसर पर टिन खनिज से संबंधित तीन भौमिकी प्रतिवेदन भारत सरकार को ई-नीलामी हेतु सौंपे गए। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम तथा स्टार रेटिंग प्रणाली जैसी पहलें पारदर्शिता, दक्षता एवं पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं। वैज्ञानिक तरीके से खनन को प्रोत्साहन मिलने से सतत खनन सुनिश्चित हुआ है। पूर्व खदानों के पुनर्विकास के अंतर्गत विश्रामपुर में केनपारा ईको टूरिज्म और जामुल में किन्नू गार्डन जैसे प्रकल्प पर्यावरणीय पुनर्संरचना के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। राज्य सरकार द्वारा खनिज विकास निधि से 720 करोड़ रुपये की लागत से खनिज बाहुल्य क्षेत्रों में रेल परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं। वहीं डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से 33 जिलों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं संचालित हैं, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों का समावेशी विकास हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि कटघोरा क्षेत्र का लिथियम ब्लॉक भारत सरकार द्वारा ई-नीलामी के माध्यम से माईकी साउथ माइनिंग प्रा. लि. को 76.05% की उच्चतम बोली पर आवंटित किया गया है। साथ ही दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों के लौह अयस्क ब्लॉक्स आर्सेलर मित्तल, रूंगटा सन्स एवं सागर स्टोन को आवंटित किए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार सहित राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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