Ghansyam Sharma / Sun, Apr 20, 2025 / Post views : 218
सरकारी चावल की अवैध बिक्री जोरों पर, बिचौलियों का संगठित नेटवर्क सक्रिय — प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कोण्डागांव जिले में सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित किया जाने वाला चावल अब खुलेआम साप्ताहिक हाट बाजारों में बेचा जा रहा है। इस अवैध कारोबार में कुछ कोचिए और बिचौलिये न केवल शामिल हैं, बल्कि इसका एक संगठित नेटवर्क बनाकर बड़े स्तर पर धंधा चला रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बीपीएल कार्डधारकों को 1 रुपये और एपीएल कार्डधारकों को 10 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाला यह सरकारी चावल सप्ताहित हाट बाजारों में 20 से 25 रुपये प्रति किलो में बेचा जा रहा है। इन बाजारों से कोचिए बड़ी मात्रा में चावल खरीदते हैं और फिर इसे स्थानीय राइस मिलों या अन्य राज्यों में ऊँचे दामों पर खपाते हैं।
कृषि मंडी लाइसेंस का दुरुपयोग
कोचियों को कृषि मंडी समिति की ओर से किसानों से उपज खरीदने का लाइसेंस प्राप्त है, परंतु वे इस लाइसेंस का दुरुपयोग कर पीडीएस चावल खरीदने का गैरकानूनी कार्य कर रहे हैं। यह न केवल सरकारी नीति का उल्लंघन है, बल्कि गरीबों का हक छीनने जैसा अपराध भी है।
जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिला खाद्य विभाग और प्रशासन को इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि प्रशासन की निष्क्रियता से इन अवैध कारोबारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
संगठनों की नाराजगी
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि— साप्ताहिक हाट बाजारों में पीडीएस चावल की अवैध बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। अवैध रूप से चावल खरीदने और बेचने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए एवं कोचिया का मंडी समिति का लाइसेंस रद करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए। खाद्य विभाग की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जो हाट बाजारों में निगरानी बढ़ाई जाए।
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