Ghansyam Sharma / Fri, Jul 15, 2022 / Post views : 153
कई निर्माणाधीन नवीन भवन है अधूरे रही परेशानी से अवगत कराया कलेक्टर को दिया आवेदन सामाजिक कार्यकर्ता प्रकशा ने
कोंडागांव पत्रिका लुक।
आदिवासियों के लिए केंद्र व राज्य सरकार उत्थान के लिए योजना बना कर करोड़ो रूपये खर्च कर रहा है करोड़ो रूपये खर्च के बाद भी ना तो विकास हुआ ना ही कुछ सुधार हुआ फिर कैसे होगा आदिवासी इलाके का विकास जब सरकारी मशीनरीज अच्छे से कार्य ना करें तो, फिर कैसे पढ़ेंगे ओर कैसे बढ़ेंगे आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे जब सरकारी स्कूल में बिन छत के।
जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला किलम का भवन छत विहीन होने तथा निर्माणाधीन नवीन भवन के अधूरे होने के कारण बच्चों एवं शिक्षकों को हो रही परेशानी से कलेक्टर कोंडागांव को आवेदन पत्र के जरीए अवगत कराते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बागड़े द्वारा उक्त समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह भी किया गया है। शासकीय प्राथमिक शाला किलम के स्कूल भवन के शीट गर्मी के दिनों में चली तेज आंधी से उड़ जाने के कारण बरसात के दिनों में बच्चों एवं शिक्षकों को परेशानी होने के साथ ही इसी ग्राम में शाला संचालन हेतु बनाए जा रहे नये भवन के अधूरे पड़े होने से कलेक्टर जिला कोंडागांव को अवगत कराने हेतु प्रस्तुत किए गए अपने आवेदन पत्र में प्रकाश बागड़े द्वारा छतविहीन शाला में जल्द से जल्द शीट लगवाने तथा अधूरे भवन को पूर्ण करवाने का आग्रह किया गया है। अपने आवेदन में प्रकाष बागड़े ने लेख किया है कि जिला व तहसील कोण्डागांव के अंतर्गत आने वाले ग्रा.पं.बेचा के ग्राम किलम में संचालित किए जा रहे शासकीय प्राथमिक शाला भवन में लगाया गया एस्बेस्टस शीट गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज आंधी से उड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं शाला संचालन हेतु एक नया भवन बनाया जा रहा है, लेकिन उक्त भवन आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। जबकि निर्माणाधीन शाला भवन को पूर्ण करने की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव की थी। समय पर भवन का निर्माण पूर्ण नहीं करने और पूर्व में बने भवन की छत में लगे शाट के आंधी में उड़कर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बच्चों एवं शिक्षकों को वर्तमान में बरसात होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने शाला भवन में जल्द से जल्द षीट लगवा देने से बच्चों की पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रखा जा सकता है। इसलिए पुराने षाला भवन में षीट लगवाने के साथ-साथ निर्माणाधीन भवन को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने हेतु निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि एक सामजिक कार्यकर्ता द्वारा जनहित में प्रस्तुत आवेदन पर कब तक कार्यवाही होती है ?
सूत्र के हवाले से जानकारी मिली कि कडेनार व बेचा में एक-एक ग्राम पंचायतों से 30 से 40 लाख रुपये विकास के नाम पर निकला गया हैं पर स्थिति जसकी जस हैं फिर 30।से 40 लाख कहा गया यह भी एक जांच का विषय है पर जांच करेंगे कौन ?
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