Ghansyam Sharma / Mon, Dec 6, 2021 / Post views : 143
कोंडागांव। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान विद्यालयीन बच्चों के लर्निंग लॉस व लर्निंग गैप को दूर करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण हेतु नवा जतन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।यह योजना कक्षा पहली से आठवीं स्तर के बच्चों के लिए है। जिला मीडिया प्रभारी शिक्षक शैलेन्द्र ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने 04-12-2021 को राज्य शैक्षणिक संस्थान एवम् प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) रायपुर में नवा जतन सेतु पाठ्यक्रम 2.0 कार्यक्रम का शुभारंभ किया।उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित राज्य स्रोत समूह के सदस्यों से कहा कि नवा जतन कार्यक्रम का उपयोग कर पढ़ाई में पिछड़ गए बच्चों को उनके वर्तमान कक्षा स्तर पर लाया जाए।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षा ज्यादा प्रभावी न होने के कारण अधिकांश बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई,छत्तीसगढ़ में शालाएं खुलने उपरांत एक माह का सेतु पाठ्यक्रम संचालित किया गया। नवा जतन कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के समापन समारोह के अवसर पर उपस्थित स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव एवं संचालक एससीईआरटी राजेश सिंह राणा ने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि कोरोना काल में पूरे विश्व के बच्चे पढ़ाई से प्रभावित हुए,ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में ऐसे बच्चे जो कक्षा स्तर से पीछे रह गए हैं उन्हें अगली कक्षा के स्तर तक लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपचारात्मक शिक्षण के लिए प्रायोजित कार्यक्रम नवा जतन को प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाना बहुत आवश्यक है,इसे सेतु पाठ्यक्रम 2.0 के रूप में राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाना है। राज्य स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण में कोंडागांव जिले से स्रोत व्यक्ति के रूप में ईमल बघेल एपीसी जिला शिक्षा, बी.आर.मौर्य व्याख्याता डाइट, हीरालाल चुरेंद्र शिक्षक उ.प्रा.शाला डोंगरीपारा चिपावंड, शैलेन्द्र ठाकुर सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला डोंगरीपारा राजागांव ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।प्रशिक्षण अवधि में एससीईआरटी द्वारा बनाए गए मॉड्यूल का राज्य स्त्रोत मेंटर सुनील मिश्रा एवम् उनकी टीम ने पूरे कार्यक्रम की योजना को विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण उपरांत अब कोंडागांव जिले के पांच विकासखंडों के 225 संकुलों से संकुल समन्वयकों व साथ में प्रत्येक संकुल से एक-एक पीएलसी सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण जिला मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा,जिसमें नवा जतन कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर लागू कर वांछित परिणाम प्राप्त करने हेतु उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।प्रशिक्षण उपरांत सभी संकुल समन्वयक अपने संकुल के अंतर्गत आने वाले पहली से आठवीं तक अध्यापन कार्य कराने वाले सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे एवम् कोरोना काल के दौरान जो लर्निंग लॉस बच्चों को हुआ है उसकी भरपाई करते हुए शत प्रतिशत दक्षता लाने हेतु प्रयास किया जाएगा।
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