Ghansyam Sharma / Wed, Dec 1, 2021 / Post views : 152
कोंडागांव। बुधवार को कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने लंजोड़ा गिरोला एवं मसोरा धान उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सर्वप्रथम वे मसोरा स्थित धान उपार्जन केन्द्र में पहुंचे। जहां उन्होंने धान विक्रय हेतु आये किसानों से चर्चा करते हुए धान उपार्जन केन्द्र की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर किसानों ने कलेक्टर के समक्ष व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इसके पश्चात् कलेक्टर ने मसोरा स्थित धान उपार्जन केन्द्र पहुंच केन्द्र में नापतौल उपकरणों की जांच करते हुए किसानों से बातें की। जिसमें किसानों द्वारा बारदानों के संबंध में पूछे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि जिले में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध हैं। और भी बारदाने पीडीएस केन्द्रों एवं मिलों द्वारा प्राप्त किये जा रहे हैं। बारदाने की कमी से धान खरीदी प्रभावित नहीं होगी। इसके लिए जिला प्रशासन लगातार कार्यरत् है। धान खरीदी में 25 प्रतिशत बारदानों के किसानों द्वारा लाये जाने से केवल खरीदी प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। बारदाने न होने पर किसी भी किसान को वापस नहीं लौटाया जायेगा। इस दौरान एसडीएम गौतमचंद पाटिलए जिला खाद्य अधिकारी दिनेश्वर प्रसादए डीएमओ रविकांत नेतामए सहायक खाद्य अधिकारी नवीनचंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में 54 स्थाई एवं 03 अस्थाई केन्द्रों में हो रहा धान उपार्जन
जिले में इस वर्ष 163698 मे. टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए जिले में 54 स्थाई केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जिनमें 49 पुराने एवं 05 नये केन्द्र स्थापित किये गये हैं। 05 नवीन केन्द्रों में बयानार, तोरेंगा, हरवेल, फूफगांव एवं चिखलपुटी शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा हेतु 03 अस्थाई उपार्जन केन्द्र फरसगांव विकासखण्ड के बड़ेओड़ागांव, चिंगनार एवं कोण्डागांव विकासखण्ड के मालगांव में स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त अडेंगा, अमरावती, अरण्डी, ईरागांव, उरन्दाबेड़ा, केशकाल, काटागांव, किबईबालेंगा, कोण्डागांव, कोरगांव, खालेमुरवेण्ड, गम्हरी, गिरोला, गोलावण्ड, चिपावण्ड, छिनारी, तोड़ासी (बड़ेखौली), देवगांव, दहीकोंगा, धनोरा, फरसगांव, बड़ेकनेरा, बड़ेडोगर, बड़ेराजपुर, बड़ेबेन्दरी, बनियागांव, बफना, बम्हनी, बवई, बहीगांव, बोरगांव, बांसकोट, भण्डारसिवनी, मुनगापदर, मर्दापाल, मुलमुला, माकड़ी, रांधना, लंजोड़ा, लुभा, लिहागांव, विश्रामपुरी, शामपुर, सलना, सिंगनपुर, सोनाबाल, मसोरा, कोनगुड़ एवं हीरापुर में धान खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये हैं। 
पहले दिन 516 किसानों ने 19285 क्विं धान विक्रय हेतु कटाया टोकन
01 दिसम्बर को धान खरीदी प्रारंभ होने के साथ पहले दिन 516 कृषकों द्वारा 19285 क्विं धान विक्रय हेतु टोकन कटाया था। इसके लिए 54 में से 52 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की गई। जबकि बयानार एवं छिनारी केन्द्रों में कृषकों के टोकन कटाने हेतु उपस्थित न होने के कारण खरीदी नहीं की जा सकी। ज्ञात हो कि इस वर्ष धान विक्रय हेतु कुल 44050 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिसके लिए उपार्जन केन्द्रों को 8185 बारदानों की गठानों की आवश्कता है। जिसके लिए समितियों में वर्तमान में 4257 बारदानों की गठान उपलब्ध करा दी गई है। जिसमें 2025 नये गठान, 1432 गठान पीडीएस एवं 800 गठान मिलर्स द्वारा प्राप्त किये गये हैं। अतिरिक्त नये गठान भी जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे साथ ही पीडीएस केन्द्रों एवं मिलर्स द्वारा भी सतत् रूप से बारदानों की आपूर्ति जारी रहेगी। जिससे जिले में बारदानों की कमी नहीं होगी। इसकी आपूर्ति एवं संख्या केन्द्रों में सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। जो बारदानों की स्थिति पर सतत् निगरानी करेगी। सभी केन्द्रों में किसानों के लिए पेयजल, सुरक्षा एवं बैठने हेतु व्यवस्था की गई है। सभी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों की सूची भी चस्पा कर दी गई है साथ ही जिला प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को उत्तम व्यवस्था केन्द्रों पर उपलब्ध कराई जाये। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार सभी केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है।
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