Ghansyam Sharma / Wed, Apr 6, 2022 / Post views : 146
कोंडागांव पत्रिका लुक।
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा अंग्रेजी और देशी शराब की दुकाने खोल दी है ताकि राज्य सरकार को भारी मात्रा में राजस्व का मुनाफा हो सके। शराब से मिले राजस्व से छत्तीसगढ़ राज्य में विकास के साथ सरकारी कर्मचारियों को कुछ हद तक शराब से मिले राजस्व से तनख्वाह भी मिलती होगी शायद। तभी तो सरकार के द्वारा संचालित शराब ठेका की चेकिंग करने जिला व राज्य का कोई भी सरकारी अधिकारी- कर्मचारी शराब की दुकान पर दिखता नही हैं। सरकारी शराब ठेके में चाहे शराब एक्सपायरी बिक रही हो या बिना निर्णय तिथि का बिक राह हो या नकली शराब बिक रहा हो इससे आबकारी विभाग को कोई लेना देना नही हैं। आबकारी विभाग को बस शराब बिकने से मतलब है। सरकारी शराब दुकान से बिक रही एक्सपायरी शराब पीने से कोई व्यक्ति तबियत खराब हो या व्यक्ति मर जाए तो शराब से अर्जित राजस्व से उनके परिवार को आर्थिक राशि दे दी जाएगी। तभी तो सरकारी शराब ठेका में बिक रहा एक्सपायरी तिथि का शराब पर जिला आबकारी अधिकारी किस पर कार्यवाही करेंगी ?

क्या है पूरा मामला
जिले में सरकारी शराब दुकान तो खुल चुकी हैं,लेकिन इन्हीं सरकारी शराब दुकानों से उपभोक्ताओं को बिना कीमत व निर्माण तिथि अंकित शराब बेचने की जानकारी उपभोक्ताओं से सामने आई। मामला सोमवार को उस समय सामने आया ।जब कोंडागांव कनेरा रोड स्थित सरकारी शराब दुकान पर उपभोक्ताओं को बिना निर्माण तिथि अंकित व एक्सपायरी सिम्बा शराब का केन बिकने लगा। केन में लगे लेबल में निर्माण तिथि अंकित ना होने से आसपास अन्य शराब दुकाने ना होने के कारण उपभोक्ता मजबूरी वश बिना निर्माण तिथि अंकित शराब खरीद कर पीने को मजबूर है। जबकि निर्माण तिथि के बाद 6 महीने तक वैधता केन में अंकित है। वहीं विक्रेता भी इसे लेकर उचित जानकारी नही दे रहे। जबकि जिला आबकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सिम्बा व अन्य शराब केन में स्पष्ट रुप से निर्माण तिथि व कीमत अंकित होना चाहिए, कीमत व तिथि अंकित ना होना गलत है,
उपभोक्ताओं के मुताबिक कनेरा रोड स्थित सरकारी शराब दुकान में 70 / 20 -21 अंकित सिम्बा शराब की केन बिक रही,वहीं शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं ने दावा किया सरकारी शराब दुकान से सिम्बा नामक शराब के 500ml का केन किमत 180 रुपये में खरीदने पर उसके ऊपर लगे लेबल में कीमत व निर्माण तिथि अंकित नहीं है, शराब का स्वाद पूरी तरह नमकीन हुआ है । उपभोक्ता संदेह जता रहे कहीं एक्सपायरी शराब तो हम उपभोक्ताओं को नहीं थमा रहे।

लिखित शिकायत के बाद कार्यवाही
मामले की जानकारी पत्रिका लुक न्यूज द्वारा डोमेंद्र ध्रुव जिला खाद्य एवं औषधि अधिकारी कोंडागांव को देने पर लिखित में शिकायत देने के बाद कार्यवाही करने की बात कही ।
खाद्य एवं औषधि अधिकारी कोंडागांव के बयान लिखित शिकायत करने के बाद ही कार्यवाही, वाह साहब जब प्राइवेट दुकानों में खाद्य सामग्री पर बिना लिखित शिकायत के आप जांच करने पहुंच जाते हैं तो क्या सरकारी शराब दुकान पर जांच के लिए क्यों नही जाते आप।

प्रभाकर शर्मा ,जिला आबकारी अधिकारी,
-बिना निर्माण तिथि व कीमत अंकित केन का विक्रय हो रहा तो गलत है दिखवाता हूं। केन पर कीमत व निर्माण तिथि स्पष्ट अंकित होना चाहिए।
प्रभाकर शर्मा ,जिला आबकारी अधिकारी के बयान से ऐसा लगता है कि उन्हें मात्र जिला में संचालित सरकारी शराब ठेके में बिक रही शराब से कोई सरोकार नहीं हैं। उन्हें तो मात्र छत्तीसगढ़ राज्य का राजस्व भरने से मतलब है। आबकारी जप्ती दस्ता मात्र गांव- गांव में ही शराब पकड़ती रहेगी और सरकारी शराब ठेके में एक्सपायरी शराब बिकते जाएगी । प्रश्न यह उठता है कि अब जिला आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही करें तो किस पे ?
लेखन -बिरज नाग
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