Ghansyam Sharma / Thu, Jul 15, 2021 / Post views : 163
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ सरकार कुपोषण के प्रति तरह-तरह की योजनाएं चला रही है. लेकिन बलरामपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. बाड़ी चलगली गांव में पिछले 10 महीनों से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को बांटे जाने वाला ‘रेडी टू ईट’ गोदाम में सड़ने के लिए फेंक दिया गया है. उसमें कीड़े लग गए हैं. तस्वीरें यह लापरवाही बयां करने के लिए काफी है कि कुपोषण को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम कितनी सजग है.
महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण के लिए भले ही तमाम प्रयास कर ले. वजन त्यौहार मना ले, लेकिन बाड़ी चलगली गांव में यह पूरे प्रयास फ्लाप नजर आते हैं. क्योंकि पिछले 10 महीनों से यहां बच्चों को रेडी टू ईट का वितरण नहीं किया गया है. कुपोषण के लिए तमाम प्रयास करने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के बाड़ी चलगली गांव में महज कुछ अधिकारियों की लापरवाही से फेल नजर आ रही है. यहां के पटेल पारा में पिछले 10 महीने से रेडी टू इट का वितरण नहीं किया गया है.
हैरानी की बात तो यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में यह पूरा रेडी टू ईट गोदाम में सड़ने को फेंक दिया गया है. महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर गांव में महज खानापूर्ति के लिए कभी-कभी जाती है. बलरामपुर के दूरस्थ इलाके में मौजूद इस गांव में कुपोषण के प्रति शासन-प्रशासन की अभियान पहली सीढ़ी में ही फेल है.
दरअसल अक्टूबर 2020 से ही बाड़ी चलगली गांव के पटेलपारा में किसी भी बच्चों को रेडी टू ईट का वितरण नहीं किया गया है. जब से कोरोनाकाल शुरू हुआ, तब से यहां के बच्चे रेडी टू ईट खाने से वंचित हैं. लेकिन विभाग के दस्तावेजों में हर महीने रेडी टू इट बांटा जा रहा है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में अक्टूबर 2020 से ही रेडी टू ईट का स्टॉक पड़ा है. इसमें कीड़े भी लग चुके हैं. सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह यहां पर विभाग के सुपरवाइजर पर लगता है, क्योंकि यह कभी-कभी महज कोराम पूरा करने ही गांव में जाती है.
यह मामला जब प्रकाश में आया, तब यह भी खुलासे हुए की सुपरवाइजर द्वारा कुपोषण दूर भगाने के लिए वितरित किए गए अंडे की राशि वाले बिल को पास करने के लिए भी कमीशन की डिमांड की जाती है. रेडी टू ईट का मामला जब मीडिया के संज्ञान में आया, तो सुपरवाइजर ने समूह के सदस्य को यह कहा है कि गाय बैल को रेडी टू ईट क्यों नहीं खिला दिए घर में क्यों रखे हो.
जब पूरे मामले की जानकारी राजपुर अनुभाग के एसडीएम बालेश्वर राम को दी गई, तो उन्होंने दूरस्थ क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि जल्द ही गांव में कैम्प लगाकर समस्या का समाधान किया जाएगा.
यह पूरा मामला सामने आने के बाद संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने भी आश्वासन दिया है कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब देखने वाली बात होगी की इस लापरवाही में कितनों पर लापरवाही की गाज गिरती है या फिर कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जाएगी.
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