Ghansyam Sharma / Thu, Jul 14, 2022 / Post views : 154
कोंडागांव पत्रिका लुक।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है कि वि.खं.कोंडागॉंव के संकुल केंद्र किबईबालेंगा के सी.ए.सी.तिरु.सुखमन नेताम (शिक्षक) पर स्कूलों में पुस्तक वितरण में कमी होने को लेकर एकतरफा कार्यवाही करते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर के द्वारा निलंबित किया गया, जबकि जिले के सभी स्कूलों में 16 से जून 20 के बीच पुस्तक वितरण हो चुकी है, पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी राज्य शासन के द्वारा कम पुस्तक संकुलों को प्राप्त हुई है, जिसकी आपूर्ति के लिए उच्च अधिकारियों को ऑफ लाईन और ऑन लाईन के माध्यम से जानकारी दी गयी है। पुस्तकों की कमी को लेकर कोंडागॉंव जिला के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तिरु.सुखमन नेताम को व्यक्तिगत रूप से निलंबन की कार्यवाही से जुझना पड़ गया।
संयुक्त संचालक बस्तर के द्वारा एकतरफा कार्यवाही करना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है, इस कार्यवाही को लेकर आज दिनभर शिक्षक संघों में आक्रोश देखा गया। इस कार्यवाही को लेकर गवर्नमेंट एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन कोंडागॉंव के जिला अध्यक्ष तिरु.नरसिंह देव मण्डावी ने कहा बिना जांच किये और नोटिस दिए बगैर एकतरफा कार्यवाही सीधे निलंबित करना निंदनीय है, निलंबन की कार्यवाही उच्च अधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से किया जाता है, इसमें सबसे ज्यादा पीड़ित छोटे कर्मचारी होते हैं। सत्र के प्रारम्भ में इस प्रकार की कार्यवाही से जिले में कार्यरत सी.ए.सी.साथियों को हतोत्साहित करने के लिए काफी है। निलंबन की कार्यवाही द्वेषपूर्ण प्रतीत होता है, जबकि कार्यवाही जिमेदार उच्च अधिकारियों पर होना चाहिए था। इसलिए हम संगठन के माध्यम से विरोध करते हैं। हमारी मांग है निलबंन को रद्द कर जल्द बहाली करने की कार्यवाही किया जाए, नहीं तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। निलबंन की कार्यवाही से संयुक्त संचालक के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए एसोसिएशन के जिला संयोजक तिरु. बीरेंद्र नेताम ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग छग शासन के नियमों के तहत अनु जाति, जनजाति पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों को प्रथम दृष्टि में नोटिस, फिर समझाईष चेतावनी के बाद ही निलंबित करने का प्रावधान को दरकिनार कर मनमानीपूर्वक बिना, नोटिस के निलबंन की कार्यवाही को संगठन के माध्यम से हम कड़ी निंदा और विरोध करते हैं। भविष्य में ऐसी कार्यवाही न हो इसके लिए सभी संगठनों को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए।
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