Ghansyam Sharma / Tue, Jun 3, 2025 / Post views : 182
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कोंडागांव जिले में युक्तियुक्तिकरण प्रक्रिया के पहले ही दिन शिक्षकों का भारी विरोध देखने को मिला। जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर जिलेभर से आए सैकड़ों शिक्षकों ने काउंसलिंग के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षक साझा मंच के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है।
क्या है मामला?
राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे "युक्तियुक्तिकरण" प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त (अतिशेष) शिक्षकों और प्रधान पाठकों की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि उन्हें जरूरतमंद स्कूलों में स्थानांतरित किया जा सके। लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि यह प्रक्रिया बिना ठोस तैयारी और पारदर्शिता के की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि यह उनके अधिकारों के खिलाफ है और इससे उनके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर असर पड़ेगा।
पहले दिन का घटनाक्रम
सोमवार को 385 प्राथमिक शालाओं के अतिशेष शिक्षक और प्रधान पाठक काउंसलिंग के लिए बुलाए गए थे।
लेकिन अधिकांश शिक्षक काउंसलिंग कक्ष में जाने के बजाय जनपद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
काउंसलिंग करने आए अधिकारियों को शिक्षकों को बुलाने के लिए बाइक पर माइक लगाकर एलाउंस करना पड़ा।
इसके बावजूद शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और उन्होंने कार्यालय का घेराव किया।
पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
शिक्षक क्या कह रहे हैं?
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें इस प्रक्रिया में जबरन शामिल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि युक्तियुक्तिकरण प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए और शिक्षकों से विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। शिक्षक नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, अगर प्रशासन ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
आगे क्या?
मंगलवार को मिडिल और हाई स्कूल के शिक्षकों की काउंसलिंग प्रस्तावित है।
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारी जहां अंदर काउंसलिंग प्रक्रिया को जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं बाहर शिक्षक अडिग हैं कि जब तक प्रक्रिया को रोका नहीं जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
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