Ghansyam Sharma / Sat, Jul 5, 2025 / Post views : 220
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
डबल लॉक और सहकारी समितियों (लेम्प्स) के माध्यम से किसानों को बांटने के लिए शासन द्वारा मंगवाए गए उर्वरकों में से कुछ उर्वरक प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए गए हैं। यह जानकारी प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है, जो विभाग और किसानों दोनों के लिए चिंता का विषय है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंगल सुपर फास्फेट, अमोनियम सल्फेट, इफ्को आदि उर्वरकों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से गणपति ब्रांड का जिंकेटेड सिंगल सुपर फास्फेट प्रयोगशाला जांच में अमानक पाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जब तक यह रिपोर्ट विभाग के पास पहुंची, तब तक अधिकांश किसानों को यह उर्वरक वितरित किया जा चुका था और कई किसानों ने इसका उपयोग भी कर लिया है।
आनंद नेताम, उर्वरक निरीक्षक, कृषि विभाग कोण्डागांव ने
पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग द्वारा अलग-अलग स्थानों से भेजे गए उर्वरकों में से दो सेंपल अमानक पाए गए हैं। अमानक पाए गए उर्वरकों के सेंपल लेम्प्स बवई और डबल लॉक गोदाम बीजापुर से लिए गए थे।
हालांकि इस पूरे मामले पर जिला विपणन अधिकारी सतीश नानवारे ने कहा कि उन्हें अभी तक लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वे कोई स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे।
जिला विपणन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, खरीफ वर्ष 2025 में जिले में सुपर फास्फेट जिंकेटेड का लक्ष्य 5350 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध 1138 मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है, जिसमें से 2 जुलाई तक 747 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। 391 मीट्रिक टन उर्वरक अभी शेष है।
यह पूरा मामला न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, बल्कि किसानों की फसल और भूमि की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और किसानों को क्या राहत दी जाती है।
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