Ghansyam Sharma / Wed, Oct 8, 2025 / Post views : 181
रायपुर। पत्रिका लुक। ( भवेश जैन)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पंजीकृत वैद्यों को प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र प्रदान करेगी, ताकि दस्तावेज़ों के अभाव में किसी प्रकार की समस्या न हो। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी-बूटी की माला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने औषधीय पौधों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पद्मश्री हेमचंद मांझी का उल्लेख करते हुए कहा कि पारंपरिक ज्ञान से वे गंभीर बीमारियों का उपचार करते हैं। उन्होंने कहा कि वैद्य परंपरा भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा प्रणाली है। छत्तीसगढ़ में लगभग 1500 वैद्य सक्रिय हैं और राज्य हर्बल स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। यहां डेढ़ हजार से अधिक औषधीय पौधे पाए जाते हैं तथा दुर्ग जिले में औषधीय अर्क निकालने का कारखाना स्थापित है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं और आयुष मंत्रालय का गठन इसी दिशा में हुआ है। सरकार क्लस्टर आधारित मॉडल विकसित कर स्थानीय वैद्यों को रोजगार से जोड़ने और औषधीय पौधों के संरक्षण पर काम कर रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि वैद्य समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि सम्मेलन में 1300 से अधिक वैद्यों का पंजीयन हुआ है और “नवरत्न योजना” के तहत औषधीय पौधे लगाने की पहल की जाएगी। कार्यक्रम में वैद्यों ने सत्यनिष्ठा की शपथ ली, 25 वैद्यों को औषधीय पिसाई मशीनें दी गईं और डॉ. देवयानी शर्मा की पुस्तक का विमोचन किया गया।
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