Ghansyam Sharma / Sat, Aug 6, 2022 / Post views : 156
तीन माह पूर्व भी दिया गया था आवेदन, एक भी समस्या का नहीं हुआ समाधान
कोंडागांव पत्रिका लुक।
ग्राम पंचायत कुएमारी की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उचित कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए 5 अगस्त को कलेक्टर जिला कोंडागांव दीपक सोनी को सरपंच सगाबती, गणेष कुमार, सुनाराम, गणेशराम, महेश कुमार, सुनिता मण्डावी, धनेष मण्डावी, सोमारु मण्डावी आदि ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन दिया गया। आवेदन में जनहित के मुख्य चार समस्याओं के समाधान किए जाने का आग्रह करते हुए लेख किया गया है कि वे सभी ग्राम पंचायत कुएमारी जनपद पंचायत व तहसील केशकाल जिला कोंडागांव के निवासी एवं जनप्रतिनिधि हैं। ग्राम पंचायत कुएमारी की समस्याओं में से 1. ग्राम पंचायत कुएमारी में विगत 14 वर्ष पूर्व से 50 सीटर बालक छात्रावास का संचालन किया जा रहा है, लेकिन भवन की व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी है। जिससे 50 स्कूली छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, अतः 50 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण किए जाने की व्यवस्था जल्द से जल्द किया जाय। 2. ग्राम पंचायत कुएमारी में संचालित शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अतः ग्राम कुए में संचालित षा.प्रा.षाला में दर्ज कुल 26 विद्यार्थी को पढ़ाने हेतु एक मात्र शिक्षक है। कुए में ही संचालित शा.उ.प्रा.शाला में दर्ज कुल 63 विद्यार्थी को पढ़ाने हेतु एक मात्र शिक्षक है एवं ग्राम मिड़दे में संचालित शा.प्रा.शाला में कुल 18 विद्यार्थी दर्ज है उन्हें पढ़ाने हेतु एक मात्र शिक्षक है। उक्त तीनों स्कूलों में आवश्यकता अनुसार शिक्षक की व्यवस्था की जाए। 3. शिसकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को, नियमित शिक्षकों से दूर नहीं किए जाने की स्थिति में ग्राम पंचायत कुएमारी के ही स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को ट्यूटर के रुप में पदस्थ कर सेवा लिया जाए। 4. ग्राम पंचायत कुएमारी क्षेत्र में वर्श 2020-21 में शासन-प्रशासन द्वारा मनरेगा व डीएमएफ फण्ड से किसानों के खेतों में कुओं का निर्माण कराया गया था, वर्तमान में कई कुंओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। षेश अधूरे हैं। मनरेगा का भुगतान कुछ हो चुका है और कुछ शेष है। वहीं डी.एम.एफ.फण्ड की राशि भी स्वीकृत नहीं हो सका है। डी.एम.एफ.फण्ड से राशि स्वीकृत कराने हेतु उचित कार्यवाही करने के साथ ही मनरेगा का शेष भुगतान भी जल्द से जल्द की जाए। ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का कष्ट किया जाए। वहीं कलेक्टर को उक्त आवेदन देने कुए से पहुंचे ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रेस को बताया कि उनके द्वारा लगभग तीन माह पूर्व भी तत्कालीन कलेक्टर के समक्ष उक्त चार के साथ 15 अन्य समस्याओं के सम्बन्ध में आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है, जिससे वे सभी वर्तमान शासन के प्रशासनिक व्यवस्था से असन्तुष्ट हैं। वहीं ग्रा.पं.कुए के शिक्षित बेरोजगारों ने भी अलग से हस्तलिखित आवेदन पत्र देकर मांग किया है कि शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में उन्हें बतौर ट्यूटर पदस्थ किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई पूरी हो सके और साथ ही गांव के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार भी प्राप्त हो सके। बरहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्राम कुए के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन में उल्लेखित जनहित की समस्याओं का समाधान वर्तमान कलेक्टर कितने दिनों में कर पाते हैं ?
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