Tue, 20 Oct 2026
Breaking News
तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा | मिशन कर्मयोगी के तहत अनिवार्य हुए दो ऑनलाइन कोर्स : 31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे दो ऑनलाइन कोर्स, शासन ने जारी किया आदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा | मिशन कर्मयोगी के तहत अनिवार्य हुए दो ऑनलाइन कोर्स : 31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे दो ऑनलाइन कोर्स, शासन ने जारी किया आदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा | मिशन कर्मयोगी के तहत अनिवार्य हुए दो ऑनलाइन कोर्स : 31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे दो ऑनलाइन कोर्स, शासन ने जारी किया आदेश |

: घर पर ऐसे बनाएं मसूर की दाल के कोफ्ते, होता हैं काफी ज्यादा टेस्टी…

Ghansyam Sharma / Fri, Jun 4, 2021 / Post views : 385

Share:

दिल्ली. खाने के शौकिन लोगों के लिए हर चिज अच्छी और टेस्टी होती है. हर सब्जी उनके लिए बेहज प्रिय होता है. वहीं अगर बात कोफ्ते की हो तो क्या पूछना. अब तक आपने कई तरह के कोफ्ते खाएं होंगे पर क्या आपने कभी मसूर की दाल के कोफ्ते खाएं हैं. अगर नहीं तो आज हम आपके लिए मसूर की दाल के कोफ्ते बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं. यह खाने में काफी ज्यादा टेस्टी होता हैं. इसे आप डिनर में बनाकर फैमिली को सर्व कर सकते हैं.

सामग्री

लाल मसूर की दाल – दो कप

हरी मिर्च कटी हुई – दो कप

प्याज बारीक कटे हुए -दो कप

मीडियम साइज के साबुत प्याज – 2

कली लहसुन – 4-5

अदरक का टुकड़ा – एक इंच

हल्दी – एक चम्मच

लाल मिर्च – आधा चम्मच

गरम मसाला – आधा चम्मच

धनिया पाउडर – आधा चम्मच

पिसी हींग – चुटकीभर

अमचूर्ण पाउडर – चौथाई चम्मच

दानामेथी – चौथाई चम्मच

नमक – स्वादानुसार

कटा हुआ हरा धनिया

सरसों का तेल

विधि

– इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले मसूर की दाल को करीब 5-6 घंटे के लिए पानी में भिगोएं.

– इस बीच दो साबुत प्याज, लहसुन की कलियां और अदरक के टुकड़े का पेस्ट तैयार करें.

– फिर दाल भीगने के बाद दाल को भी पीस लें और फिर दाल में आधा चम्मच गरम मसाला, स्वादानुसार नमक, पिसी हींग, कटी हरी मिर्च और थोड़ा सा बारीक हरा धनिया डालें और अच्छी तरह से मिला लें.

– इसके बाद एक कढ़ाई में सरसों का दो से तीन चम्मच तेल डाल दें.

– फिर अब कटे प्याज को आधे से ज्यादा इसमें डालें, थोड़ा सा बचा लें. प्याज को हल्का लाल होने दें फिर पिसी दाल को डाल दें और कलछी से जल्दी जल्दी चला दें.

– दाल का रंग हल्का सा बदल जाए तो इसे उतार लें और एक थाली में डालकर ठंडा करें.

– फिर इसके बाद सारी दाल के गोल गोल आकार के लड्डू जैसे बनाएं.

– अब कढ़ाई में फिर से ज्यादा सा तेल डाल दें. एक बाउल में निकाल लें, क्योंकि बीच-बीच में इसे डालने की जरूरत पड़ेगी.

– अब सबसे पहले थोड़ा सा बचा हुआ कटा प्याज डाले और उसे हल्का लाल करें और मेथी दाना डाल दें.

– मेथी और प्याज भुनने के बाद प्याज वाला पिसा मसाला डाल दें और उसमें हल्दी, धनिया, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें और मसाले को तब तक भूनें, जब तक तेल अलग न हो जाए.

– मसाला भुनने के बाद मसूर की दाल बॉल्स डाल दे और हल्के हाथ से कलछी चलाते हुए मसाले को उसमें लपेट दें.

– फिर इसके बाद सरसों का पका तेल जो आपने निकाल लिया था, उसे कढ़ाई के चारों तरफ घुमाते हुए चमचे से थोड़ा-थोड़ा करके डालें और मसाले और बॉल्स को हल्के हाथों से चलाए.

– फिर कुछ मिनट तक चलाने के बाद गैस बंद कर दें. आपको मसूर की दाल के कोफ्ते तैयार हैं.

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement