Wed, 21 Oct 2026
Breaking News
रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा | रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा | रावण वध की अनोखी परंपरा : कोंडागांव में मिट्टी रावण बना, देते है पर्यावरण संरक्षण का संदेश | तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल : तीन दिनों में अलग-अलग गांवों में हमले, वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया तेंदुए का रेस्क्यू | मेहनत की कमाई के लिए सड़क पर उतरे रसोइये : जून 2026 से लंबित मानदेय भुगतान की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | 27% आरक्षण लागू करने की मांग : ओबीसी महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग, बस्तर-जगदलपुर में सौंपा ज्ञापन | कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा.. : शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे, 30 लोगों को मिलेगा रोजगार | एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO अविनाश भोई : गांव-गांव पहुंच विकास कार्यों का निरीक्षण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की ले रहे जानकारी | UCC पर AAP का विरोध, आदिवासी परंपराओं की रक्षा की मांग : कांकेर में UCC समिति के समक्ष आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र नाग ने दर्ज कराया विरोध | बस्तर की महिलाओं की बड़ी उपलब्धि : माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को एनपीओपी प्रमाणन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा ‘दण्डक ब्रांड’ | बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय सम्मान : शिल्प गुरु अवार्ड के लिए शिल्पकार बन्नू राम बैध चयनित | छत्तीसगढ़ में बस किराये की नई दरें जारी : 80 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों सहित पांच श्रेणियों के यात्रियों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा |

: राजस्व व खनिज विभाग की कार्रवाई अवैध उत्खनन एवं लाल ईट परिवहन करते 11 ट्रैक्टर को किया जब्त

Ghansyam Sharma / Sun, Apr 11, 2021 / Post views : 196

Share:

कोंडागांव। जिले में पर्यावरण सुरक्षा के लिए नदी किनारे रेत के उत्खनन एवं लाल ईंटों के निर्माण पर कलेक्टर द्वारा रोक लगा दी गयी है। जिसके बावजूद अवैध रूप से रेत उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने राजस्व विभाग एवं खनिज विभाग को ऐसे रेत परिवहन को रोकने एवं उनपर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत तहसीलदार गौतम चन्द पाटिल द्वारा खनिज विभाग के साथ संयुक्त टीम निर्मित कर प्रतिदिन हो रहे रेत एवं लाल ईंट परिवहन पर निगरानी की जा रही है। जिसके तहत विगत दिनों रेत का अवैध परिवहन करते 08 ट्रेक्टरों एवं लाल ईंट के 03 ट्रैक्टरों कुल 11 टैक्टरों को जप्त किया गया है। विदित हो कि कोंडागांव तहसील अन्तर्गत 25 से अधिक लाल ईंट भट्ठों पर जप्ती की कार्यवाही किया जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि लाल ईंटों के निर्माण के लिये बड़ी मात्रा में पेड़ों को काटा जाता रहा है। जिससे पर्यावरण को हो रही हानि को देखते हुए लाल ईंटों के इस्तेमाल पर कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इसके स्थान पर लोगों को फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। फ्लाई ऐश ईंटों के निर्माण में दहन प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जाता है साथ ही इनसे आर्सेनिक जैसे हानिकारक तत्वों के भू-जल या पेयजल में मिलने का खतरा भी नहीं रहता है।

करते 11 ट्रैक्टर को किया जब्त

कोंडागांव। जिले में पर्यावरण सुरक्षा के लिए नदी किनारे रेत के उत्खनन एवं लाल ईंटों के निर्माण पर कलेक्टर द्वारा रोक लगा दी गयी है। जिसके बावजूद अवैध रूप से रेत उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने राजस्व विभाग एवं खनिज विभाग को ऐसे रेत परिवहन को रोकने एवं उनपर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत तहसीलदार गौतम चन्द पाटिल द्वारा खनिज विभाग के साथ संयुक्त टीम निर्मित कर प्रतिदिन हो रहे रेत एवं लाल ईंट परिवहन पर निगरानी की जा रही है। जिसके तहत विगत दिनों रेत का अवैध परिवहन करते 08 ट्रेक्टरों एवं लाल ईंट के 03 ट्रैक्टरों कुल 11 टैक्टरों को जप्त किया गया है। विदित हो कि कोंडागांव तहसील अन्तर्गत 25 से अधिक लाल ईंट भट्ठों पर जप्ती की कार्यवाही किया जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि लाल ईंटों के निर्माण के लिये बड़ी मात्रा में पेड़ों को काटा जाता रहा है। जिससे पर्यावरण को हो रही हानि को देखते हुए लाल ईंटों के इस्तेमाल पर कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इसके स्थान पर लोगों को फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। फ्लाई ऐश ईंटों के निर्माण में दहन प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जाता है साथ ही इनसे आर्सेनिक जैसे हानिकारक तत्वों के भू-जल या पेयजल में मिलने का खतरा भी नहीं रहता है।

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement